भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने कहा कि भारत महत्वपूर्ण आर्थिक प्रगति और ‘ग्लोबल साउथ’ में अपने नेतृत्व के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का हकदार है। तोबगे ने भूटान के सबसे कम विकसित देशों (एलडीसी) की श्रेणी से बाहर निकलने के लिए भारत की ओर से मिले ‘समर्थन व मित्रता’ को लेकर हार्दिक आभार जताया।
प्रधानमंत्री तोबगे ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र को आज की दुनिया की वास्तविकताओं के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। सुरक्षा परिषद का मौजूदा स्वरूप अतीत की निशानी है। हमें ऐसी परिषद की आवश्यकता है जिसमें वर्तमान भू-राजनीतिक, आर्थिक परिदृश्य और सामाजिक वास्तविकताएं झलकती हों।’’
उन्होंने कहा कि भूटान लंबे समय से 15 देशों वाली सुरक्षा परिषद में सुधार करने की पैरवी करता रहा है ताकि इसे अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और प्रभावी बनाया जा सके। तोबगे ने कहा कि हमने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्य बनाने का भी समर्थन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत महत्वपूर्ण आर्थिक प्रगति, जनसंख्या तथा ग्लोबल साउथ में नेतृत्व के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का हकदार है।’’
प्रधानमंत्री तोबगे ने जापान को भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाए जाने का समर्थन किया। फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका समेत सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों ने पुनर्गठित सुरक्षा परिषद में भारत को भी जगह देने का स्पष्ट रूप से समर्थन किया है।
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