भारत ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कल भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि भारत ने कहा है कि इससे संघर्ष प्रभावित महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा बेहतर करने और संयुक्त राष्ट्र के महिला, शांति और सुरक्षा एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
75 करोड से अधिक महिलाएं और लड़कियां संघर्ष वाले क्षेत्रों के 50 किलोमीटर के दायरे में रहती हैं। एक वर्ष के भीतर संघर्ष से जुड़ी यौन हिंसा के मामलों की संख्या बढकर दोगुनी हो गई है। अपनी रिपोर्ट में एसआरएसजी ने बताया है कि संघर्षों से घिरी आज की दुनिया में यौन हिंसा एक राजनीतिक हथियार बन गई है। संयुक्त राष्ट्र को ‘प्रस्ताव 1325′ के प्रावधानों को लागू करके एक उदाहरण पेश करना चाहिए। भारत, 2030 तक संयुक्त राष्ट्र के कार्यबल में पूर्ण लैंगिक समानता लाने के प्रयासों का समर्थन करता है।
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