भारत ने वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की समीक्षा के लिए इसकी संयुक्त समिति की 8वीं बैठक की मेज़बानी की। यह आयोजन हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित किया गया। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री राजेश अग्रवाल और उप सह-अध्यक्ष मलेशिया सरकार के निवेश, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक डॉ. सुगुमारी एस. षणमुगम ने की। बैठक में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम सहित आसियान देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
समिति का प्राथमिक उद्देश्य एआईटीआईजीए की जारी समीक्षा को आगे बढ़ाना था, जिसका लक्ष्य समझौते को आधुनिक बनाना था ताकि यह अधिक प्रभावी, उपयोगकर्ता अनुकूल और व्यापार अनुकूल हो सके। एआईटीआईजीए संयुक्त समिति के तहत आठ में से पांच उप-समितियों (एससी) ने 8 वें एआईटीआईजीए पर हाइब्रिड बैठकें भी कीं। जिनमें से चार एससी, अर्थात् सीमा शुल्क प्रक्रिया और व्यापार सुविधा पर उप-समिति (एससी-सीपीटीएफ); आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर उप-समिति (एससी-ईटीसी); राष्ट्रीय उपचार और बाजार पहुंच पर उप-समिति (एससी-एनटीएमए); और सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी पर उप-समिति (एससी-एसपीएस) नई दिल्ली, भारत में हुई, जबकि मूल नियमों पर उप-समिति (एससी-आरओओ) जकार्ता, इंडोनेशिया में हुई। जिसमें विचार विमर्श और शुल्क संबंधी वार्ताओं के लिए अब तक की तैयारी पर चर्चा हुई।
आसियान भारत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापार साझेदार बना हुआ है, जो भारत के वैश्विक व्यापार का लगभग 11 प्रतिशत हिस्सा है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 121 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच गया।
अगली एआईटीआईजीए संयुक्त समति बैठक जून 2025 में मलेशिया के कुआलालम्पुर में आयोजित की जाएगी, जो आसियान-भारत आर्थिक एकीकरण को बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को जारी रखेगी।
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