भारत ने बांग्लादेश से विख्यात फिल्म निर्माता सत्यजीत रे की ढाका स्थित पैतृक परिसम्पत्ति ध्वस्त करने के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है। भारत ने इस सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में सहायता देने का भी प्रस्ताव किया है। मैमन सिंह जिला स्थित इस ऐतिहासिक इमारत को धवस्त करने के फैसले को गंभीर खेद का विषय बताते हुए बांग्लादेश से इसे दोनों देशों की साझा संस्कृति के प्रतीक संग्रहालय में बदलने का आग्रह किया गया है। यह ऐतिहासिक भवन सत्यजीत रे के दादा और विख्यात साहित्यकार उपेन्द्र किशोर रे चौधरी का है यह वर्तमान में बंग्लादेश सरकार के स्वामित्व में है। इस पुरानी इमारत को गिराए जाने के समाचारों के बाद विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया आई है।
चीन ने आज अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले…
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोन ने आज नई दिल्ली में…
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 9 नई अमृत भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियां चलाने की घोषणा करते…
सर्वोच्च न्यायालय ने आज कहा कि वह राज्यों को कुत्ते के काटने की घटनाओं के…
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज कहा कि जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को लेकर…
सरकार के हस्तक्षेप के बाद प्रमुख डिलीवरी कम्पनियों ने 10 मिनट की डिलीवरी सेवा की…