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भारत ने न्यूजीलैंड द्वारा भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को प्रभावी बनाने वाले कानून के पारित होने का स्वागत किया

भारत 16 सितंबर, 2026 को न्यूजीलैंड की संसद द्वारा पारित विधेयक का स्वागत करता है। यह विधेयक 27 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को प्रभावी बनाएगा। इस विधेयक का पारित होना समझौते को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । यह भारत और न्यूजीलैंड की आर्थिक साझेदारी को गहरा और व्यापक बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जुलाई 2026 में न्यूजीलैंड यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान की। यह यात्रा चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा थी । इस यात्रा के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने आर्थिक सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के शीघ्र कार्यान्वयन के महत्व पर जोर दिया।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच दीर्घकालिक और घनिष्ठ संबंध हैं। यह संबंध मजबूत जन-संबंधों और व्यापार एवं निवेश, कृषि, शिक्षा, खेल, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर आधारित हैं। यह मुक्त व्यापार समझौता इन संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के व्यवसायों और समुदायों के लिए नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह समझौता लागू होने की तिथि से न्यूजीलैंड को होने वाले भारतीय निर्यात के 100 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क-मुक्त पहुँच प्रदान करता है। इससे वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों सहित भारतीय निर्यात के लिए नए अवसर खुलते हैं। इसके साथ ही, यह लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस और कच्चे चमड़े सहित न्यूजीलैंड के निर्यात के लिए भारतीय बाजार में बेहतर और तरजीही पहुँच प्रदान करता है।

यह समझौता सेवाओं, निवेश और पेशेवर, छात्र और युवा आवागमन के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करता है, जिसमें भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए बेहतर मार्ग प्रशस्त करना शामिल है। यह भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने का प्रावधान करता है और कृषि उत्पादकता, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरण, पारंपरिक चिकित्सा और आयुष, प्रौद्योगिकी और व्यापार सुगमता सहित क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करता है।

भारत और न्यूजीलैंड अपनी-अपनी घरेलू प्रक्रियाओं को पूरा करने और समझौते को जल्द से जल्द लागू करने में सुविधा प्रदान करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

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