अंतर्राष्ट्रीय

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कतर में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ एक संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक की

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिकारियों के एक समूह ने 10 जुलाई, 2024 को दोहा के कतर में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ एक संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक की। इस बैठक में भारत के वाणिज्य विभाग, अन्य मंत्रालयों एवं संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया।

दोनों पक्षों ने व्यापार को सुगम बनाने और माल पर सीमा शुल्क नियंत्रण के लिए आगमन-पूर्व सूचना के आदान-प्रदान में खाद्य सुरक्षा और सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए जारी चर्चाओं की प्रगति की भी समीक्षा की और उन्हें शीघ्र पूर्ण करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में व्यवधान उत्पन्न करने वाले सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान निकालने और दोनों देशों के बीच व्यापार संवर्धन को सुगम बनाने पर भी सहमति जताई।

दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश सहयोग के लिए निजी क्षेत्र के दृष्टिकोण और प्रस्तावों का अनुसरण करने और उन्हें कार्यान्वित करने में अपनी निर्धारित भूमिका निभाने के लिए संयुक्त व्यापार परिषद को सक्रिय करने की संभावित व्यवस्था पर भी विचार-विर्मश किया।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हाल के घटनाक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि इस संबंध को और भी आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। इस संबंध में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार के साथ-साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए कई प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की। इनमें रत्न और आभूषण, सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच सहयोग, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण और खाद्य सुरक्षा, एमएसएमई आदि में सहयोग शामिल है।

संयुक्त कार्य समूह की बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग की आर्थिक सलाहकार प्रिया पी. नायर और कतर सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं व्यापार समझौते के निदेशक सालेह अल-माना ने की।

भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में 14.08 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा है। भारत कतर का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों पक्षों ने 2025 में नई दिल्ली में संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। भारत-कतर संयुक्त कार्य समूह के पहले सत्र में किया गया विचार-विमर्श सौहार्दपूर्ण और दूरदर्शितापूर्ण था। यह दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण एवं विशेष संबंधों को दर्शाता है।

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