ईरान और अमरीका के राजनयिक आज जिनेवा में तीसरे दौर की परमाणु वार्ता करेंगे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वाशिंगटन के साथ समझौता संभव है और उन्होंने इसे समझौते के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया। लेकिन, उन्होंने चेतावनी दी कि प्रगति कूटनीति को प्राथमिकता देने पर निर्भर करेगी, जिसे व्यापक रूप से डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा पहले दी गई सैन्य कार्रवाई की धमकियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
ट्रम्प ने भी कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही है। अमरीका ने हाल ही में पश्चिम एशिया की ओर दूसरा विमानवाहक पोत बेडा भेजा है और क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर जिनेवा वार्ता विफल हो जाती है, तो तनाव और बढ़ सकता है, जिससे सैन्य टकराव और पश्चिम एशिया में फिर से अस्थिरता का खतरा बढ़ जाएगा।
इस बीच, अमरीका के वित्त मंत्रालय ने 30 से अधिक व्यक्तियों, कंपनियों और ईरान के तेल की बिक्री में मदद करने के आरोपी जहाजों के विरूद्ध प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इन जहाजों को वाशिंगटन शैडो फ्लीट कहता है। यह घटनाएं एक नाजुक स्थिति को दिखाती है। जहां बातचीत आगे बढ़ रही है लेकिन, आर्थिक और सैन्य दबाव भी लगतार बढ़ रहा है।
ग्रामीण पेयजल शासन में संरचनात्मक सुधारों को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप…
राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल अनुपालन को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक और प्रौद्योगिकी-आधारित ढांचा…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सिंगापुर स्थित बेंटले एशिया होल्डिंग्स II प्राइवेट लिमिटेड को बेबी…
प्रधानमंत्री ने कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बातचीत की और…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 6969.04…
किसान कल्याण को सुदृढ़ करने और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा…