अमरीका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान और अमरीका 26 फरवरी को जिनेवा में परमाणु वार्ता फिर से शुरू करेंगे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत में राजनयिक समाधान तक पहुंचने की “अच्छी संभावना” है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि चर्चा केवल परमाणु कार्यक्रम पर ही होगी। ईरान मिसाइल शस्त्रागार या क्षेत्रीय प्रॉक्सी पर किसी भी प्रकार की बातचीत को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
दोनों पक्ष इससे पहले दो बार की बातचीत में संभावित समझौते के लिए व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमत हुए थे। मुख्य विवाद यूरेनियम संवर्धन को लेकर है। अमरीका का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की क्षमता नहीं रखनी चाहिए, जबकि तेहरान का कहना है कि यूरेनियम संवर्धन उसका संप्रभु अधिकार है। मध्य पूर्व में अमरीका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती के बीच अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि कूटनीति विफल रहती है तो सैन्य विकल्प खुले हैं।
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