न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई आज भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज सुबह राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में उन्हें शपथ दिलाएंगी। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना का स्थान लेंगे जो कल सेवानिवृत्त हो गए।
24 नवंबर 1960 को अमरावती में जन्मे न्यायमूर्ति बी. आर. गवई 1985 में बार में शामिल हुए। भूषण गवई को नवंबर 2003 में बोम्बे उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और वहीं नवंबर 2005 में भूषण गवई मुंबई उच्च न्यायालय के स्थाई न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए गए। मई 2019 में जस्टिस गवई को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत किया गया। पिछले 6 वर्षों में वह संवैधानिक और प्रशासनिक कानून, नागरिक कानून, अपराधी कानून और वाणिज्यिक विवादों सहित विभिन्न विषयों से संबंधित मामलों से निपटने वाली लगभग 700 पीठों का हिस्सा थे। वह पूर्व मुख्य न्यायाधीश के. जी. बाला कृष्णन के बाद अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले भारत के दूसरे मुख्य न्यायाधीश होंगे।
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