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इस्पात मंत्रालय ने छोटे आयातकों और निर्यात-लिंक्ड आयातों के लिए इस्पात आयात पंजीकरण को सरल बनाने के लिए ‘सरल सिम्स’ की शुरुआत की

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और अन्य छोटे आयातकों द्वारा आईटीसी (एचएस), 2022 के अध्याय 72, 73 और 86 के अंतर्गत वर्गीकृत लौह और इस्पात वस्तुओं से संबंधित छोटी खेपों के आयात के लिए स्टील आयात निगरानी प्रणाली (एसआईएमएस) के अंतर्गत अनिवार्य पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयास में, साथ ही निर्यात उद्देश्यों के लिए अग्रिम प्राधिकरण, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) और निर्यात उन्मुख इकाई (ईओयू) मार्ग के अंतर्गत किए गए आयातों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की एक नई सुविधा ‘सरल सिम्स’ शुरू की गई है।

आयातक अब www.sims.steel.gov.in/SARAL पर सरल सिम्स की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं । सरल सिम्स पंजीकरण बनाते समय, आयातकों को पोर्टल पर केवल आयात की कुल इच्छित मात्रा घोषित करनी होगी। उन्हें एक सरल सिम्स नंबर जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर वे वर्ष के दौरान किसी भी संख्या में स्टील की खेप का आयात कर सकते हैं। इसके लिए खेपवार सिम्स नंबर की आवश्यकता नहीं होगी।

आयातक सरल सिम्स की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं-

  1. छोटी खेपों का आयात (10 मीट्रिक टन से कम या उसके बराबर) 1000 मीट्रिक टन की वार्षिक सीमा के अधीन (‘छोटे आयात के लिए सरल सिम्स’), या
  2. अग्रिम प्राधिकरण/एसईजेड/ईओयू मार्ग (निर्यात प्रयोजनों के लिए सरल सिम्स) के अंतर्गत बिना किसी मात्रा सीमा के आयात।

आयातक को अगले वित्तीय वर्ष के 30 अप्रैल तक किसी विशेष वित्तीय वर्ष में सरल सिम्स पंजीकरण के लिए किए गए वास्तविक आयात का विवरण प्रस्तुत करके वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा।

आयातक किसी विशेष वित्तीय वर्ष में सृजित सरल सिम्स पंजीकरण के आधार पर अगले वित्तीय वर्ष की 30 अप्रैल तक आयात कर सकते हैं।

यदि आयातक किसी वित्तीय वर्ष में सरल सिम्स के अंतर्गत 1000 मीट्रिक टन की वास्तविक आयात सीमा पार कर लेते हैं, तो उन्हें वित्तीय वर्ष के दौरान आगामी आयातों के लिए नियमित सिम्स पंजीकरण कराना होगा। एक बार नियमित सिम्स में स्थानांतरित हो जाने के बाद, वे उस वित्तीय वर्ष के लिए सरल सिम्स सुविधा का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, छोटे आयातों के लिए सरल सिम्स की सीमा अप्रैल 2026 तक की अवधि के लिए 500 मीट्रिक टन है। अगले वित्त वर्ष 2026-27 से 1000 मीट्रिक टन की वार्षिक सीमा लागू होगी।

नियमित सिम्स के अंतर्गत पंजीकरण प्रक्रिया को भी काफी सरल बना दिया गया है जिसमें आयातकों द्वारा भरे जाने वाले क्षेत्रों की संख्या 56 से घटाकर 20 कर दी गई है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य आयातकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना तथा व्यापार में सुगमता को बढ़ाना है।

गैर-क्यूसीओ कवर ग्रेड के लिए इस्पात मंत्रालय से स्पष्टीकरण/एनओसी की आवश्यकता भी समाप्त की जा रही है। इसलिए, आयातक इस्पात मंत्रालय से स्पष्टीकरण/एनओसी की आवश्यकता के बिना, गैर-क्यूसीओ कवर स्टील ग्रेड के लिए सिम्स पोर्टल से सिम्स नंबर जनरेट कर सकेंगे।

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