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डिजिटल भारत निधि और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन हेतु सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

ग्रामीण आंध्र प्रदेश में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच राज्य में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के त्वरित कार्यान्वयन के लिए एक सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता ज्ञापन 22 फरवरी, 2026 को मुख्यमंत्री शिविर कार्यालय, ताडेपल्ले, गुंटूर जिले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, संचार एवं पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किया गया।

सहयोग ज्ञापन पर डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्याममल मिश्रा, आईएएस और आंध्र प्रदेश सरकार के अवसंरचना एवं निवेश विभाग के विशेष मुख्य सचिव मोव्वा तिरुमाला कृष्ण बाबू, आईएएस ने हस्ताक्षर किए।

भारतनेट कार्यक्रम के महत्व और व्यापकता पर जोर देते हुए मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस अवसर पर कहा, “संशोधित भारतनेट भारत सरकार का 16.9 बिलियन डॉलर यानि 139,000 करोड़ रुपये का सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित कार्यक्रम है, जिसके तहत देश के हर गांव में ओएफसी फाइबर और ब्रॉडबैंड पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जो साहस दिखाया है, वैसा साहस दुनिया के किसी भी देश में नहीं है।”

ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आगे कहा कि हम जो कर रहे हैं, उसका सार यह है कि हम अपने देश के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण कर रहे हैं। हमारी पीढ़ी में प्रौद्योगिकी ने वास्तव में व्यक्तिगत कौशल, प्रतिभा, महत्वाकांक्षा और आकांक्षा को विश्व मंच तक पहुंचने की क्षमता प्रदान की है।

डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन राज्य-नेतृत्व वाले मॉडल के तहत त्वरित कार्यान्वयन के लिए एक संरचित और टिकाऊ ढांचा प्रदान करता है, जिसमें वित्तीय सहायता और जवाबदेही का संयोजन शामिल है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, 4जी कवरेज का विस्तार करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि ग्रामीण नागरिकों को किफायती और विश्वसनीय डिजिटल सेवाओं का लाभ मिले।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर राज्य के डिजिटल परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो प्रौद्योगिकी आधारित शासन और समावेशी विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्बाध ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाएगी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करेगी और आंध्र प्रदेश को अगली पीढ़ी के डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर स्थापित करेगी।

इस ज्ञापन में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए डिजिटल भारत निधि और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच सहयोग हेतु एक व्यापक ढांचा स्थापित किया गया है। ज्ञापन के अनुसार, राज्य सरकार त्वरित कार्यान्वयन हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी, जिसमें मार्ग अधिकार (आरओडब्ल्यू), बुनियादी ढांचे तक पहुंच और आवश्यक समन्वय सहायता शामिल है। परियोजना के लिए वित्तपोषण मुख्य रूप से डिजिटल भारत निधि द्वारा किया जाएगा, साथ ही राज्य सरकार आपसी सहमति के अनुसार अपना योगदान देगी। कार्यक्रम के अंतर्गत निर्मित नेटवर्क का राज्य सरकार द्वारा सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को अधिकतम करने हेतु प्रभावी उपयोग किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त, 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी जिसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को उन्नत, सुदृढ़ और विस्तारित करना था ताकि सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मांग के आधार पर मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।

आंध्र प्रदेश में भारतनेट का पहला चरण मेसर्स पीजीसीआईएल द्वारा सीपीएसयू मॉडल के तहत कार्यान्वित किया गया था जिसमें 1,692 ग्राम पंचायतें शामिल थीं और सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। भारतनेट का दूसरा चरण आंध्र प्रदेश स्टेट फाइबरनेट लिमिटेड (एपीएसएफएल) द्वारा राज्य-नेतृत्व वाले मॉडल के तहत कार्यान्वित किया गया था, जिसमें 11,254 ग्राम पंचायतें शामिल थीं और सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

आंध्र प्रदेश में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत इस परियोजना को नवगठित विशेष प्रयोजन वाहन (स्पेशल पर्पस व्हीकल), आंध्र प्रदेश भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एपीबीआईएल) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 13,426 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी, जिनमें नेटवर्क की मजबूती बढ़ाने के लिए प्रथम चरण की 1,692 ग्राम पंचायतों को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड करना , द्वितीय चरण की 11,254 ग्राम पंचायतों को कवर करना और 480 नवगठित ग्राम पंचायतों को शामिल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अंतिम-मील कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 3,942 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी ।

भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश में इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए 2,432 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। इस पहल से भारत सरकार की वित्तीय सहायता से 5 लाख से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में फाइबर कनेक्शन स्थापित होने की उम्मीद है, साथ ही डिजिटल शासन में उल्लेखनीय सुधार होगा, नागरिक-केंद्रित सेवाओं की डिलीवरी बेहतर होगी और राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा मिलेगा।

इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार की डिजिटल समावेशन को गति देने, कनेक्टिविटी को मजबूत करने और लचीले दूरसंचार बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा सके।

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