दुनियाभर में इस साल अप्रैल का महीना अब तक का सबसे गर्म अप्रैल रहा और रिकॉर्ड गर्मी, बारिश व बाढ़ के कारण कई देशों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बुधवार को जारी नए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
यूरोपीय संघ की जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) ने कहा कि यह रिकॉर्ड-उच्च तापमान का लगातार 11वां महीना था, जो कमजोर हो रहे अल नीनो (मौसम प्रणाली) और मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है। अप्रैल में औसत तापमान 15.03 डिग्री सेल्सियस रहा, जो निर्दिष्ट पूर्व-औद्योगिक संदर्भ अवधि (1850 से 1900) में उल्लेखित अप्रैल के औसत तापमान से 1.58 डिग्री सेल्सियस अधिक था।
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