दुनियाभर में इस साल अप्रैल का महीना अब तक का सबसे गर्म अप्रैल रहा और रिकॉर्ड गर्मी, बारिश व बाढ़ के कारण कई देशों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बुधवार को जारी नए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
यूरोपीय संघ की जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) ने कहा कि यह रिकॉर्ड-उच्च तापमान का लगातार 11वां महीना था, जो कमजोर हो रहे अल नीनो (मौसम प्रणाली) और मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है। अप्रैल में औसत तापमान 15.03 डिग्री सेल्सियस रहा, जो निर्दिष्ट पूर्व-औद्योगिक संदर्भ अवधि (1850 से 1900) में उल्लेखित अप्रैल के औसत तापमान से 1.58 डिग्री सेल्सियस अधिक था।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक महीने तक…
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) के माध्यम…
महाराष्ट्र के 358 तालुकों में से 305 को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र…
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने आज व्यापार…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल कर्मचारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) को…