वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति मुद्रीकरण लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए, एनएचएआई ने पब्लिक इनविट, प्राइवेट इनविट और टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) मॉडल के संयोजन से 28,307 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं, जिसमें टीओटी बंडल 17 और 18 शामिल हैं। टीओटी बंडल-19 के लिए प्राप्त बोलों का तकनीकी मूल्यांकन चल रहा है, जिसके साथ एनएचएआई वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत सरकार के 30,000 करोड़ रुपये के बजटीय लक्ष्य को हासिल करने की मजबूत स्थिति में है।
इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए, एनएचएआई ने अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) कार्यक्रम के तहत इनविट राउंड-5 के अंतर्गत 310 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का सफलतापूर्वक मुद्रीकरण किया है।
इनविट-5 को एनएचआईटी वेस्टर्न प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 20 वर्ष की अवधि के लिए 6,366.98 करोड़ रुपये के रियायत शुल्क के साथ पुरस्कृत किया गया है। इनविट-5 में महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग खंड शामिल हैं, जिनमें महाराष्ट्र के एनएच-53 का 255.9 किमी लंबा अमरावती-चिखली-तरसोड़ खंड और आंध्र प्रदेश के एनएच-16 का 54.3 किमी लंबा गुंडुगोलानु-चिन्ना अवुटापल्ली खंड शामिल है। इन संपत्तियों में नशीराबाद, दसरखेड़, तरोडा कस्बा, कुरानखेड़ और कलापर्रू जैसे टोल प्लाजा शामिल हैं।
मुद्रीकरण प्रयासों को और मजबूत करते हुए, एनएचएआई ने ओडिशा के एनएच-16 के 74.5 किमी लंबे चंदीखोल-भद्रक खंड के लिए 3,087 करोड़ रुपये के टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) बंडल-18 को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। टीओटी-18 को एम/एस आईआरबी चंदीभद्रा टोलवे प्राइवेट लिमिटेड को 20 वर्ष की रियायत अवधि के लिए पुरस्कृत किया गया है। इसके तहत, रियायतार्थी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड का संचालन और रखरखाव करेगा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के अनुसार उपयोगकर्ता शुल्क एकत्र करेगा।
इससे पहले, एनएचएआई द्वारा प्रायोजित राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरआईआईटी) का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम 24 मार्च 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध हुआ। आरआईआईटी ने झारखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक राज्यों में स्थित पांच परिचालन राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों के अधिकार प्राप्त किए हैं, जिनका कुल रियायत मूल्य लगभग 9,500 करोड़ रुपये है। इन संपत्तियों का अधिग्रहण इक्विटी और ऋण के संयोजन से वित्त पोषित किया गया। यह सार्वजनिक निर्गम लगभग 14 गुना अधिक ओवर सबस्क्राइब हुआ, जो भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र, सरकार के संपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम और राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों की दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं में निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
ये मील के पत्थर एनएचएआई के परिचालन राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों का पारदर्शी और संरचित मुद्रीकरण ढांचों के माध्यम से उपयोग करके देश भर में राष्ट्रीय राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए संसाधन जुटाने पर निरंतर ध्यान को रेखांकित करते हैं।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से आतंकवाद के खतरे पर लगातार ध्यान देने की…
भारत ने कहा है कि वैश्विक चुनौतियों के लिए सैन्य समाधान नहीं बल्कि कूटनीति को…
इसरो ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने अपनी नई पीढ़ी के…
पीएमजीएसवाई-IV (बैच-1, वित्त वर्ष 2026-27) के तहत 45 सड़क कार्यों (509.54 कि.मी) जिनका मूल्य रु.…
पेरिस में वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की पूर्ण बैठक और कार्य समूहों की बैठकें…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह से पहले ‘भारत…