राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के कट्टानारपट्टी क्षेत्र में एक निजी पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट का स्वतः संज्ञान लिया है। इस विस्फोट में कम से कम 18 श्रमिकों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। खबरों के अनुसार, 19 अप्रैल 2026 को जब यह घटना घटी, तब कारखाने में महिलाओं सहित 100 से अधिक श्रमिक मौजूद थे। बताया जा रहा है कि रासायनिक मिश्रण और निर्माण प्रक्रिया के दौरान घर्षण के कारण विस्फोट हुआ। खबरों के मुताबिक, जिले में हाल ही में हुई इसी तरह की एक घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी।
आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो इससे पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मामले सामने आते हैं। आयोग ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव और विरुधुनगर के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में घायल व्यक्तियों के स्वास्थ्य की स्थिति, मामले की जांच और मृतक एवं घायल व्यक्तियों के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का विवरण शामिल होना चाहिए।
20 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घायल श्रमिकों को विरुधुनगर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
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