भारत

NHRC ने तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में विवाहित महिलाओं को नौकरी से बाहर करने के कथित भेदभाव का स्वत: संज्ञान लिया

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने उन मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लिया है, जिनमें कहा गया है कि ऐप्पल उपकरणों की एक प्रमुख निर्माता फॉक्सकॉन ने तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में अपने आईफोन असेंबली प्लांट में विवाहित महिलाओं को व्यवस्थित रूप से नौकरी से बाहर कर दिया है। फॉक्सकॉन, भारत के एक पूर्व एचआर एक्जीक्यूटिव का आरोप है कि इस संबंध में कंपनी द्वारा भारतीय नियुक्ति एजेंसियों को मौखिक निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि कंपनी सांस्कृतिक मुद्दों और सामाजिक दबाव के कारण विवाहित महिलाओं को काम पर नहीं रखती है।

आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्टों की सामग्री, यदि सही है, तो यह विवाहित महिलाओं के खिलाफ भेदभाव का गंभीर मुद्दा उठाती है, जिससे समानता और समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन होता है। इसलिए, आयोग ने सचिव, केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय तथा मुख्‍य सचिव, तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

नोटिस जारी करते हुए, आयोग ने इस तथ्य पर ध्यान दिया है कि लैंगिक समानता न केवल भारतीय संविधान में बल्कि अंतरराष्ट्रीय संधि और अनुबंधों में भी जरूरी है, अर्थात् नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय अनुबंध, तथा आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय अनुबंध भी रोजगार के किसी भी रूप में जेंडर के आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं। यह सुनिश्चित करना राज्य प्राधिकारियों का दायित्व है कि सभी कंपनियां श्रम कानूनों और किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य और सम्मान के अधिकार से संबंधित मानदंडों और विनियमों का पालन करें, जिनमें वे महिलाएं भी शामिल हैं, जो निजी क्षेत्र की किसी उत्पादन इकाई की आपूर्ति श्रृंखला में काम कर रही हैं।

दिनांक 26 जून, 2024 को जारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जनवरी, 2023 से मई, 2024 की अवधि के दौरान कंपनी में कई नौकरी चाहने वालों से बात की गई तथा कंपनी के उम्मीदवार सूचना पुस्तिका की भी जांच की गई। पता चला कि केवल अविवाहित महिलाएं ही असेंबली प्लांट में नौकरी के लिए पात्र थी, जबकि कंपनी द्वारा दिए गए विज्ञापनों में इस संबंध में कोई उल्लेख नहीं किया गया था। समाचार रिपोर्ट में एक विवाहित उम्मीदवार और कंपनी की नियुक्ति एजेंसी के बीच एक व्हाट्सएप चैट का भी हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि जब उम्मीदवार ने कंपनी द्वारा दी जाने वाली वेतन और चाइल्डकैअर सुविधा के बारे में पूछा, तो जवाब था ‘शादी करने की अनुमति नहीं है’। कथित तौर पर कंपनी ने वैवाहिक स्थिति, जेंडर, धर्म या किसी अन्य रूप के आधार पर रोजगार में भेदभाव के आरोपों का खंडन किया है।

Editor

Recent Posts

बैंकों को 16 अक्टूबर से आवश्यक CRR को मौजूदा 90% के बजाए 99% पर बनाए रखने की आवश्यकता होगी: आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा कि बैंकों को 16 अक्टूबर से आवश्यक नकद आरक्षित…

4 घंटे ago

एनआईए ने फ्लाईदुबई के विमान में पिछले महीने उडान के दौरान कॉकपिट में हमले की जांच के लिए मामला दर्ज किया

राष्ट्रीय अन्‍वेषण अभिकरण (एनआईए) ने फ्लाईदुबई के विमान में पिछले महीने उडान के दौरान कॉकपिट…

4 घंटे ago

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोधपुर में ‘अभ्यास तरंग शक्ति 2026’ के दूसरे संस्करण के प्रतिभागियों को संबोधित किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना केन्द्र जोधपुर में ‘अभ्यास तरंग शक्ति 2026’ के दूसरे…

4 घंटे ago

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- भारत पड़ोसी देशों और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों पर कडी नज़र रख रहा है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में हो…

6 घंटे ago

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर के बारे में झूठ और भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में जम्मू-कश्मीर को लेकर झूठ और गलत अफवाहें फैलाने के लिए…

6 घंटे ago

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने एम्स देवघर का दूसरा दीक्षांत समारोह संबोधित किया

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज झारखंड के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर के…

6 घंटे ago