प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 18 जनवरी को दोपहर लगभग 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 राज्यों और 2 केन्द्र-शासित प्रदेशों के 230 से अधिक जिलों के 50000 से अधिक गांवों में संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित करेंगे।
प्रधानमंत्री द्वारा स्वामित्व योजना की शुरुआत गांवों में बसे हुए क्षेत्रों में घरों के मालिक परिवारों को सर्वेक्षण से संबंधित आधुनिकतम ड्रोन तकनीक के माध्यम से ‘अधिकारों का रिकॉर्ड’ प्रदान करके ग्रामीण भारत की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने की दृष्टि से की गई थी।
यह योजना संपत्तियों के मुद्रीकरण एवं बैंक ऋण के माध्यम से संस्थागत ऋण को संभव बनाने; संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने; ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों व संपत्ति कर के बेहतर आकलन की सुविधा प्रदान करने और ग्राम-स्तर की व्यापक योजना के निर्माण में भी मदद करती है।
कुल 3.17 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जिसमें लक्षित गांवों का 92 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। अब तक 1.53 लाख से अधिक गांवों के लिए लगभग 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं।
इस योजना ने पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड और हरियाणा में पूर्ण संतृप्ति हासिल कर ली है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ कई केन्द्र-शासित प्रदेशों में भी ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।
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