राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज सिकंदराबाद के राष्ट्रपति निलयम में भारतीय कला महोत्सव के प्रथम आयोजन का उद्घाटन किया। इस आठ दिवसीय महोत्सव का आयोजन राष्ट्रपति निलयम द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। इस महोत्सव का उद्देश्य आगंतुकों के समक्ष पूर्वोत्तर राज्यों – अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करना है।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और बढ़ावा देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पूर्वोत्तर राज्यों की सांस्कृतिक विविधता, उनके लोक नृत्य, संगीत, कला और पारंपरिक परिधान हमारे देश की विरासत हैं। यह महोत्सव नागरिकों को क्षेत्र की परंपराओं और समुदायों से अधिक परिचित कराने का एक प्रयास है।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह महोत्सव सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का भी एक अवसर है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह महोत्सव हमारे देश के पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्सों के बीच एक सेतु का काम करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव पूर्वोत्तर के कारीगरों, कलाकारों और समुदायों को उनकी परंपराओं और प्रतिभाओं को आगे लाकर सशक्त बनाने में मदद करेगा।
तेलंगाना के राज्यपाल और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री के अलावा, सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के राज्यपाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री इस उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे।
भारतीय कला महोत्सव 29 सितंबर से 6 अक्टूबर, 2024 तक सुबह 10:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक दर्शकों के लिए खुला रहेगा। दर्शक https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर स्लॉट बुक कर सकते हैं। आगंतुकों के लिए महोत्सव स्थल पर आकर बुकिंग करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
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