भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कदाचार को रोकने और निवेशकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह नए नियम ऋण देने तथा लेने वाली ईकाइयों को ऋण से संबंधित वृद्धि या आश्वासन देने की पेशकश करने से रोकते हैं। दिशानिर्देशों में यह सुनिश्चित किया गया है कि ऋणदाता लेन-देन में मूलधन और ब्याज या दोनों के संदर्भ में होने वाले पूरे नुकसान को वहन करें। ऋण देने या लेने वाली ईकाइयां अपनी सेवाओं को निवेश उत्पादों के रूप में प्रचारित नहीं कर सकती हैं और वे ऋणदाताओं को मूलधन और ब्याज दोनों पर होने वाले नुकसान की जानकारी देने के लिए जवाबदेह हैं।
सरकार ने आज देश का पहला सेवा उत्पादन सूचकांक-आईएसपी का पहला प्रायोगिक सूचकांक जारी किया।…
द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया के प्रबंधन…
भारत का सबसे बड़ा वैश्विक वस्त्र कार्यक्रम, भारत टेक्स 2026 आज नई दिल्ली के भारत…
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक तथा व्यापार समझौता कल से लागू हो जाएगा।…
भारत ने आज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय दो जहाजों, एमटी अल बहिया और एमटी…