सऊदी अरब ने अपने सैन्य ठिकानों और वायु क्षेत्र तक अमरीकी सेना की पहुंच पर रोक लगा दी है। इससे राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर निगरानी रखने की अपनी योजना छोड़ने को बाध्य होना पड़ा है। अमरीकी अधिकारियों ने इस खबर की पुष्टि की। सऊदी अरब के इस कदम से खाड़ी देशों को लेकर अमरीकी रणनीति को झटका लगा है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अब अपना ध्यान राजनयिक माध्यमों पर केंद्रित कर दिया है। उन्होंने ने इरान के साथ हाल की बातचीत को संतोषजनक बताते हुए किसी स्थाई समाधान निकलने की आशा व्यक्त की।
ईरान अब युद्ध समाप्त करने के लिए अमरीका द्वारा 14 सूत्री प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संवाद और कूटनीति का आह्वान किया है। प्रस्तावित ढांचे के अंतर्गत शत्रुता को विराम दिया जाएगा और अंतिम वार्ता के लिए 30 दिनों की अवधि दी जाएगी, हालांकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित प्रमुख मुद्दों को बाद की वार्ताओं के लिए छोड़ दिया जाएगा। कूटनीतिक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है क्योंकि ईरान ने सार्वजनिक रूप से किसी भी शर्त को स्वीकार करने की पुष्टि नहीं की है और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने कुछ मीडिया रिपोर्टों को फर्जी बताकर खारिज कर दिया है।
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