श्रीलंका में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा है कि देश में अब नस्लवादी राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यहां धार्मिक उग्रवाद को कभी पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने 10वीं संसद के उद्घाटन सत्र के दौरान यह बात कही। आज आधिकारिक रूप से नई संसद का सत्र बुलाया गया।
राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके द्वारा प्रस्तुत नीति वक्तव्य सरकार की राष्ट्रीय एकता, सुशासन और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सहयोग प्राप्त करने की योजनाओं को दर्शाता है, जो श्रीलंका के राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय करेगा साथ ही आईएमएफ कार्यक्रम के तीसरे समीक्षा चरण को पूरा करने के लिए समझौता कल तक अंतिम रूप दिया जाएगा। उद्घाटन सत्र में अशोक सपुमाल राणावाला को सदन का अध्यक्ष और साजिथ प्रेमदासा को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में अखिल भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया और…
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने 13 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में वित्त…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्रीय राजधानी में स्थित सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 तथा…
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। यह 9 मार्च को…
सरकार के आत्मनिर्भर भारत विज़न और जानवरों के पोषण के लिए टिकाऊ और एंटीबायोटिक-फ़्री सॉल्यूशन…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बारबाडोस के चुनावों में मिया अमोर मोटली को उनकी ऐतिहासिक लगातार…