सरकार देश में स्टील उत्पादन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर कई कदम उठाती रही है। देश में खपत होने वाले स्टील के लिए मानक तैयार करने और उन्हें गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) में शामिल करने के उपाय किए गए हैं। मानकीकरण में स्टील उत्पादन के लिए एक समान विनिर्देश, परीक्षण विधियां और विनिर्माण प्रक्रियाएं लागू करना शामिल है। इससे विभिन्न उत्पादकों के बीच स्टील की गुणवत्ता में एकरूपता सुनिश्चित होती है। इस प्रकार स्टील को बीआईएस द्वारा परिभाषित मानक का पालन करना आवश्यक है और घरेलू तथा विदेशी उत्पादकों को विनिर्माण के लिए बीआईएस लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक है। क्यूसीओ लागू करके, सरकार केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद की आपूर्ति को तय करती है। अब तक बीआईएस द्वारा तैयार किए गए 151 ऐसे स्टील मानकों को क्यूसीओ में शामिल किया गया है और यह प्रकिया देश में खपत होने वाले सभी स्टील के लिए मानक तैयार करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जारी है। किसी भी घटिया स्टील खेप की आपूर्ति का पता लगाने के लिये स्टील खेप के आयात की भी जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, सरकार स्टील क्षेत्र के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता बढ़ाने के लिए एक रणनीति भी तैयार कर रही है। इस दिशा में काम करते हुए सहयोग के लिए चार रणनीतिक क्षेत्रों अर्थात कच्चे माल, निवेश, प्रौद्योगिकी और स्टील निर्यात पर ध्यान केंद्रित करके भारत की स्टील वैश्विक दृष्टिकोण रणनीति तैयार करने के लिए एक कार्य समूह का गठन किया गया है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श के बाद, सहयोग के केंद्रित क्षेत्रों और प्राथमिकता वाले देशों के लिए कार्य योजना की पहचान करते हुए रणनीति पत्र तैयार किया जाएगा।
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