सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की याचिका में दखल देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और जॉयमाल्या बागची की विशेष पीठ ने कहा कि निर्वाचन आयोग को मतगणना के लिए कर्मियों को नियुक्त करने का पूरा अधिकार है। विशेष पीठ ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों को शामिल करने के निर्देश वाले 13 अप्रैल के परिपत्र को गलत नहीं कहा जा सकता।
निर्वाचन आयोग ने न्यायालय को बताया कि परिपत्र में केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के मिश्रण का स्पष्ट प्रावधान है। आयोग ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका निराधार है। पीठ ने कहा कि आयोग केंद्रीय कर्मचारियों सहित एक ही समूह से मतगणना कर्मियों का चयन कर सकता है और उसके परिपत्र में कोई त्रुटि नहीं है।
इससे पहले, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि निर्वाचन आयोग का राज्य कर्मचारियों के बजाय केंद्रीय कर्मियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को मतगणना पर्यवेक्षक और सहायक के रूप में नियुक्त करने का निर्णय वैध है।पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में कराया गया था।
भारत और विश्व बैंक ने पारंपरिक ऋण देने के अतिरिक्त अपनी साझेदारी का विस्तार करने…
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस महीने के अंत में नई दिल्ली में आयोजित होने…
भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड ने अफगानिस्तान के साथ तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार पुन: लोगों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने, सोने की…
अमरीका ने ईरान में इस्लामिक रेवोल्युशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को निशाना बना कर नए सिरे…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किर्गिज गणराज्य के बिश्केक में 31 अगस्त से 1 सितंबर, 2026…