भारत और वियतनाम ने आज डिजिटल प्रौद्योगिकी, दुर्लभ खनिजों, चिकित्सीय उत्पादों से जुड़े विनियमन, सार्वजनिक क्षेत्र लेखापरीक्षा, डिजिटल भुगतान प्रणाली और संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के बीच हुई वार्ता के बाद किए गए। वार्ता के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।
वार्ता के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वियतनाम के राष्ट्रपति चुने जाने के एक महीने के भीतर ही राष्ट्रपति तो लाम की भारत की पहली राजकीय यात्रा यह दर्शाती है कि वे भारत-वियतनाम संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि साझा विरासत को जीवित रखने के लिए, भारत वियतनाम की प्राचीन चंपा सभ्यता के माई सोन और न्हान ताऊ मंदिरों का जीर्णोद्धार कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत चंपा सभ्यता की पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण भी करेगा और इस अमूल्य विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम की साझेदारी में विरासत और विकास दोनों का महत्व है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम भेजे गए, तो वियतनाम की कुल जनसंख्या के लगभग 15 प्रतिशत से अधिक लोगों ने उनके दर्शन किए। उन्होंने कहा कि औषधि प्राधिकरणों के साथ इस समझौता ज्ञापन के बाद वियतनाम में भारत की दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के कृषि, मत्स्य पालन और पशु उत्पादों का वियतनाम को निर्यात भी सुगम होगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए आज दोनों पक्षों ने केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की यूपीआई और वियतनाम की त्वरित भुगतान प्रणाली को भी जल्द ही जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और विजन ओशन का एक प्रमुख स्तंभ है। दोनों पक्ष हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी समान दृष्टिकोण रखते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करके भारत और वियतनाम शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान देना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वियतनाम के सहयोग से भारत आसियान के साथ भी अपने संबंधों का विस्तार करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के लोगों के साथ खड़े रहने के लिए भारत वियतनाम का आभारी है।
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