दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय की तकनीकी शाखा टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी) ने ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीईसीआईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। बीईसीआईएल, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के तहत एक मिनी रत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (सीपीएसई) है। यह समझौता कन्वर्जेंस और प्रसारण तकनीक के क्षेत्रों में संयुक्त अध्ययन, तकनीकी योगदान और मानकीकरण गतिविधियों पर सहयोग करने के लिए किया गया है।
इस सहयोग का उद्देश्य कन्वर्ज्ड और प्रसारण तकनीक में मानकीकरण और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी राष्ट्रीय पहलों को भी समर्थन देना है।
यह साझेदारी भारत के हिसाब से मानक और टेस्ट फ्रेमवर्क बनाने, अंतर्राष्ट्रीय मानकों का अध्ययन करने, वैश्विक मानकीकरण संस्थाओं में तकनीकी योगदान देने और कन्वर्जेंस व प्रसारण तकनीक में उभरते ट्रेंड्स का पता लगाने पर केंद्रित होगी।
इस एमओयू पर आज नई दिल्ली में वरिष्ठ डीडीजी और प्रमुख, टीईसी श्री सैयद तौसीफ अब्बास की मौजूदगी में उप महानिदेशक, टीईसी श्री देवेंद्र सिंह और उप महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट्स), बीईसीआईएल श्री रमित लाला ने हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी टीईसी के लिए बीईसीआईएल के साथ मिलकर काम करने का एक औपचारिक ढांचा तैयार करती है, ताकि संयुक्त रूप से आधुनिक प्रसारण और कन्वर्जेंस तकनीक में अध्ययन, तकनीकी योगदान और शोध गतिविधियों को किया जा सके।
सहयोग के मुख्य क्षेत्र:
इस सहयोग से आईटीयू-टी, आईटीयू-आर और 3जीपीपी जैसे वैश्विक मानक बनाने वाले संगठनों में योगदान और संयुक्त तकनीक अध्ययनों के जरिए अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण गतिविधियों में भारत की भागीदारी मजबूत होने की उम्मीद है। यह कन्वर्जेंस और प्रसारण तकनीक में भारत-विशिष्ट मानक और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास में भी मदद करेगा, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को बढ़ावा मिलेगा।
टीईसी के बारे में
टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी), दूरसंचार विभाग (डीओटी), भारत सरकार की तकनीकी शाखा है। टीईसी दूरसंचार के लिए तकनीकी मानक, स्पेसिफिकेशन और बुनियादी तकनीकी योजनाएं बनाने के लिए जिम्मेदार है। यह दूरसंचार उपकरण और सेवाओं की इंटरऑपरेबिलिटी, गुणवत्ता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जेनेरिक रिक्वायरमेंट्स (जीआर), इंटरफेस रिक्वायरमेंट्स (आईआर) और सर्विस रिक्वायरमेंट्स (एसआर) के लिए मानक जारी करता है। यह डीओटी को तकनीकी सहायता और ट्राई को तकनीकी सलाह भी देता है, तकनीकी विकास पर सी-डॉट के साथ तालमेल बिठाता है और आईटीयू, एपीटी और ईटीएसआई जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे वैश्विक दूरसंचार मानकों के विकास में योगदान मिलता है।
बीईसीआईएल के बारे में
ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीईसीआईएल) भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत एक मिनी रत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) है। 1995 में स्थापित, बीईसीआईएल प्रसारण, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, डिजिटल मीडिया, साइबर सुरक्षा, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे में परामर्श सेवाएं और टर्नकी समाधान प्रदान करता है। कंपनी ने परामर्श, इंजीनियरिंग, खरीद, परियोजना प्रबंधन, संचालन और रखरखाव, अनुसंधान और विकास और जनशक्ति सेवाओं को कवर करते हुए एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करने के लिए पारंपरिक प्रसारण इंजीनियरिंग से परे विस्तार किया है। अपनी व्यापक तकनीकी विशेषज्ञता और राष्ट्रव्यापी उपस्थिति का लाभ उठाते हुए, बीईसीआईएल प्रसारण और संबद्ध क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी समाधान प्रदान करते हुए डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी और मेक इन इंडिया सहित प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का समर्थन करता है।
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