अमरीका और ईरान के बीच कमजोर संघर्ष विराम के “लाईफ सपोर्ट” पर होने के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की टिप्पणी के बाद राजनयिक तनाव गहरा हो गया है और तेल बाजारों को झटका लगा है। साथ ही स्थाई शांति बहाल होने की संभावना भी धूमिल हो गई है। ईरान ने अमरीका के शांति प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया में अमरीकी प्रतिबंध हटाए जाने, ईरान की फ्रीज परिसंपत्तियां खोलने, अमरीकी नाकाबंदी समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी प्रबंधन को मान्यता देने की मांग की थी। लेकिन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इन शर्तों को नामंजूर कर दिया था।
शांति प्रस्ताव खारिज होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में चार प्रतिशत से अधिक का उछाल आया और यह 105 डॉलर प्रति बैरल से भी अधिक हो गईं। सउदी अरब ने भी कहा कि अमरीका ईरान- युद्ध से तेल की कीमतों में अब तक का सबसे बड़ा उछाल आया है। उसने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने के बाद भी तेल की वैश्विक कीमतें 2027 तक स्थिर नहीं होंगी।
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