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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने नॉर्वे-भारत साझेदारी पहल की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता की

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने आज नॉर्वे-भारत साझेदारी पहल (एनआईपीआई) की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता की । भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य एनआईपीआई प्रगति रिपोर्ट 2025 और इस पहल के चौथे चरण के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए बजटीय कार्य योजनाओं की समीक्षा और अनुमोदन करना था ।

पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बैठक में कहा, ” एनआईपीआई प्रयासों के अभिसरण से प्राप्त परिणामों को दर्शाता है, भारत सरकार भी वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ इस अभिसरण में शामिल है।” केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने भारत की नवाचार में एक अच्छा परीक्षण क्षेत्र प्रस्तुत करने की क्षमता का उल्लेख करते हुए इस पहल की सर्वोत्तम विधियों को अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने इस पहल के तहत विकसित आईपीएचएस ओडीके (भारतीय जन स्वास्थ्य मानक – ओपन डेटा किट) टूल के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जो आकलन को सुगम बनाता है और राज्यों को कमियों की शीघ्र पहचान करने तथा आवश्यक मानकों को प्राप्त करने हेतु लक्षित सहायता प्राप्त करने में मदद करता है। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस साझेदारी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सराहना और सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए किया।

इस अवसर पर बोलते हुए, महामहिम मे-एलिन स्टेनर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अगले वर्ष इस साझेदारी के 20 वर्ष पूरे हो जाएँगे। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से अभिनव और उत्प्रेरक हस्तक्षेप हुए हैं जिनसे महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त करने में मदद मिली है।

मे-एलिन स्टेनर ने बताया कि भारत सरकार ने इस पहल के तहत नॉर्वे द्वारा खर्च की गई राशि से 26 गुना अधिक निवेश किया है, जो इस सहयोग को दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “भारत का एक विकसित देश बनने का एक निश्चित लक्ष्य है और यह जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों में दिखाई देता है। भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2006 में इस साझेदारी की शुरुआत के बाद से भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।”

इस पहल के प्रमुख परिणाम – जैसे आईपीएचएस ओडीके टूलकिट , एनएचएम के भीतर एक नवाचार केंद्र की स्थापना , आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) के तहत सेवाओं के विस्तारित प्रावधान के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) एल्गोरिदम का विकास , गर्भावस्था-पूर्व देखभाल मॉडल का निर्माण , ‘स्व-देखभाल’ गर्भाशय ग्रीवा कैंसर स्क्रीनिंग मॉडल , और नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए एकीकृत गृह-आधारित देखभाल (एचबीएनसीसी) दिशानिर्देशों का निर्माण – उनके परिणामों के साथ, एक प्रस्तुति के माध्यम से चर्चा की गई।

नॉर्वे-भारत साझेदारी पहल (एनआईपीआई) नॉर्वे और भारत सरकारों के बीच भारत की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने हेतु सहयोग हेतु हुए समझौते पर आधारित है। एनआईपीआई का उद्देश्य बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को रणनीतिक, उत्प्रेरक और नवोन्मेषी सहायता प्रदान करना है।

साझेदारी ने तीन चरण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और वर्तमान में अपने चौथे चरण में है, जो साझेदार राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। अब तक, एनआईपीआई ने विभिन्न स्वास्थ्य नवाचारों, ज्ञान सृजन और दस्तावेज़ीकरण उत्पादों के कार्यान्वयन को सक्षम बनाया है, जो साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत बनाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य कर रहा है।

यह साझेदारी भारत और नॉर्वे सरकारों तथा कार्यान्वयन एजेंसी के बीच एक वार्षिक बैठक/संयुक्त संचालन समिति की बैठक द्वारा संचालित होती है। इस बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव और नई दिल्ली स्थित रॉयल नॉर्वेजियन दूतावास के राजदूत द्वारा की जाती है, तथा संयोजक के रूप में अपर सचिव एवं प्रबंध निदेशक (एनएचएम) होते हैं। इस बैठक में साझेदारी के लिए प्राथमिकताएँ निर्धारित की जाती हैं और उसके परिणामों पर चर्चा की जाती है, साथ ही कार्यान्वयन भागीदार द्वारा तैयार की गई रिपोर्टों और कार्य योजनाओं को भी अनुमोदित किया जाता है।

इस कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अपर सचिव आराधना पटनायक, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव मीरा श्रीवास्तव, एनआईपीआई के कार्यक्रम निदेशक डॉ. अशफाक भट, रॉयल नॉर्वेजियन दूतावास के काउंसलर आरे नागोडा, रॉयल नॉर्वेजियन दूतावास की वरिष्ठ सलाहकार उन्दिस वटवेदत सिंह, एनआईपीआई समर्थित राज्यों (राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, ओडिशा, मध्य प्रदेश और बिहार) के प्रधान स्वास्थ्य सचिव/मिशन निदेशक और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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