केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज डिब्रूगढ़ जिले में नामरूप उर्वरक संयंत्र (बीवीएफसीएल) का दौरा किया और मौजूदा संयंत्र के प्रमुख पहलुओं के साथ-साथ हाल जारी और आगामी विस्तार कार्यों की समीक्षा की।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, असम का गौरव- नामरूप उर्वरक संयंत्र, 10,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से नए ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया परिसर के साथ नया जीवन लाभ कर रहा है। यह महत्वाकांक्षी पहल कृषि उत्पादकता को बढ़ाएगी, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि यह पूर्वोत्तर को दक्षिण पूर्व एशिया के प्रमुख उत्पादक केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर भारत की सबसे पुरानी उर्वरक इकाई, ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीवीएफसीएल) अपनी स्थापना के समय से ही इस क्षेत्र के किसानों की सेवा कर रही है। इसकी क्षमता को और बढ़ाने के लिए नामरूप संयंत्र में एक चौथा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। भारत सरकार के सहयोग से इस नए संयंत्र के अगले पांच वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है जिसकी उत्पादन क्षमता 12.5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष होगी।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इस विस्तार से यह संयंत्र एक प्रमुख उत्पादन केंद्र में बदल जाएगी जिससे पूर्वोत्तर के किसानों की उर्वरक आवश्यकताएं पूरी होंगी और भूटान व म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों को निर्यात भी संभव होगा। इस बढ़ी हुई क्षमता से पश्चिम बंगाल और बिहार के बाजारों तक उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना पूर्वोत्तर के लोगों की दीर्घकालिक आकांक्षा को पूरा करेगी और राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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