अमेरिका ने चीन से आयात होने वाली वस्तुओं पर दो सौ 45 प्रतिशत तक के नए जवाबी शुल्कों की घोषणा की है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार संघर्ष तेजी से बढ़ गया है। अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित है। बयान में चीन द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख है।
चीन द्वारा भारी दुर्लभ धातुओं और चुम्बक सहित महत्वपूर्ण उच्च तकनीक पदार्थों का निर्यात प्रतिबंधित किए जाने के फैसले से अमरीका के ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर और रक्षा जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ेगा।
इस बीच, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा है कि शुल्क युद्ध अमेरिका ने शुरू किया है।
गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं।…
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग-एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के निकट दत्तानगर…
भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के संयुक्त कार्य समूह की आज उलानबातार में आयोजित…
भारत की क्वांटम प्रौद्योगिकी और सुरक्षित संचार क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण…
भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश…