सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने के पहल में, अमेरिका ने भारत को 10 मिलियन डॉलर की 1400 से अधिक लूटी गई कलाकृतियों को लौटाने की घोषणा की। इनमें वो वस्तुएं भी शामिल हैं, जो हाल ही में न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में प्रदर्शित की गईं थीं। उनमें एक दिव्य नर्तक की बलुआ पत्थर की मूर्ति भी है, जिसे अवैध रूप से मध्य भारत से लंदन ले जाया गया था।
अमेरिका और भारत के बीच जुलाई में हुए समझौते के बाद सांस्कृतिक संपत्ति के अवैध व्यापार से निपटने और चोरी हुई कलाकृतियों की वापसी में तेजी आई है। ठीक दो महीने पहले, अमेरिका ने भारत को 2000 ईसा पूर्व से 1900 ईस्वी तक की चार हजार वर्षों की 297 कलाकृतियां लौटाई थीं।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 2016 के बाद से, अमेरिका ने 578 सांस्कृतिक वस्तुएं भारत को वापस भेजा है। इन कलाकृतियों की बहाली भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर बढ़ते जोर को दर्शाती है, जो वैश्विक विरासत के संरक्षण में एक सकारात्मक अध्याय का प्रतीक है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमरीका के बीच…
मौसम विभाग ने आज भीतरी कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईकल में तेज…
उत्तराखंड में चमोली जिला स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए…
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक में…
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) अध्यक्ष पी. जवाहर, आईएएस ने कहा कि चुनौती भरी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता…