मरूस्थलीकरण की रोकथाम के लिए संयुक्त राष्ट्र संधि में शामिल देशों का 16वां सम्मेलन आज सऊदी अरब के रियाद में शुरू हो रहा है। पहली बार पश्चिम एशिया इस महत्वपूर्ण पर्यावरणीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत, इस संधि की 30वीं वर्षगांठ पर आयोजित सम्मेलन में शामिल होगा।
पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल आज अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ मंडप में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेगा। प्रतिनिधिमंडल अरावली ग्रीन वॉल परियोजना प्रस्तुत करेगा, जो उत्तर पश्चिम भारत के चार राज्यों में दस लाख पन्द्रह हजार हैक्टेयर बंजर भूमि को उर्वरक बनाने की व्यापक पहल है।
यह परियोजना मरूस्थलीकरण बंजर भूमि का विस्तार और सूखे की आपदा रोकने के भारत के नवाचारी प्रयासों को वन्यीकरण, जैव विविधता संरक्षण और उन्नत जल प्रबंधन रणनीतियों के माध्यम से सफल बनायेगी। यह पहल सामुदायिक सहयोग से भौगोलिक सूचना प्रणाली और प्रकृति अनुरूप समाधान लागू करेगी।
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