ईरान में राजधानी तेहरान सहित देशभर में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वर्ष 2022 के बाद यह पहला मौक़ा है जब ईरान को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
ये प्रदर्शन ईरान में बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और मुद्रा अवमूल्यन के विरोध में हो रहे हैं। अमरीकी मानवाधिकार संस्था ओवरसीज ईरानियन राइट्स ग्रुप के अनुसार, इन प्रदर्शनों में 62 लोग मारे गए हैं। सरकार ने दो हज़ार तीन सौ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इंटरनेट सेवा लगभग ठप्प है और डिजिटल सेंसरशिप सख्त़ी से लागू की गई है। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन पिछले वर्ष 28 दिसम्बर को शुरू हुए थे।
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खमैनी ने कल टेलीविज़न संदेश में देश में जारी उपद्रव को आतंकी कार्रवाई बताया और सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
उधर, अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान गंभीर संकट में है और अमरीका इस मामले पर पैनी नज़र बनाए हुए है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी भवनों, अस्पतालों और मस्जिदों को भी निशाना बनाया है और सरकारी प्रसारण कार्यालयों सहित कई भवनों में आग लगा दी है।
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