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CCI ने IFC, ADB, और DEG द्वारा फोर्थ पार्टनर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (टार्गेट) में कुछ हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दे दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी), एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और डीईजी – ड्यूश इन्वेस्टिशंस-उंड एंटविक्लुंग्सगेसेलशाफ्ट एमबीएच (डीईजी) द्वारा फोर्थ पार्टनर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (टार्गेट) में कुछ हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।

प्रस्तावित संयोजन में आईएफसी, डीईजी और एडीबी मिलकर 275 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 2,296.25 करोड़ रुपये) का निवेश करेंगे। आईएफसी, एडीबी और डीईजी प्रत्येक प्राथमिक सब्सक्रिप्शन और सेकेंडरी बाजार से खरीद के माध्यम से टार्गेट की शेयर पूंजी का एक निश्चित प्रतिशत हिस्सा खरीदेंगे।

आईएफसी एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसकी स्थापना 1956 में विकासशील सदस्य देशों में निजी क्षेत्र को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति देने के लिए की गई थी। यह विश्व बैंक समूह का एक सदस्य है, जिसके अपने नियम और समझौते, शेयर पूंजी, वित्तीय ढांचा, प्रबंधन और कर्मचारी हैं। यह विकासशील देशों को निजी क्षेत्र में निवेश करके, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाज़ारों से पूंजी जुटाकर और व्यापारों तथा सरकारों को सलाह देकर सतत विकास प्राप्त करने में सहायता करता है।

एडीबी एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 1966 में एडीबी चार्टर के तहत हुई थी। इसके 69 सदस्य देश हैं जो सामूहिक रूप से सदस्य देशों में विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान का स्वामित्व रखते हैं। एडीबी अपने सदस्यों यानी डीएमसी (विकासशील सदस्य देशों) और भागीदारों को विकास को बढ़ावा देने के लिए ऋण, तकनीकी सहायता, अनुदान और इक्विटी निवेश प्रदान करके सहायता करता है।

डीईजी विकासशील और उभरते बाजार वाले देशों में काम कर रहे निजी क्षेत्र के उद्यमों को वित्तपोषण, सलाह और सहायता प्रदान करता है। एक अनुभवी भागीदार के रूप में, डीईजी अपने ग्राहकों को बाजार की गहन जानकारी, प्रभाव और जलवायु विशेषज्ञता और अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के साथ विकास संबंधी प्रभाव वाले दूरंदेशी निवेशों को आगे बढ़ाने में सहायता करता है।

टार्गेट, अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराती है, जिसमें वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों को बिजली देने के लिए सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, स्वामित्व और परिचालन शामिल है। यह कंपनी मुख्य रूप से अपने ही उपयोग के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कांसट्रक्शन (ईपीसी), और संचालन व रखरखाव (ओ एंड एम) सेवाएं भी प्रदान करती है। इसके अलावा, यह थर्ड पार्टी वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों को सीमित स्तर पर ईपीसी और ओएंडएम सेवाएं संयुक्त रूप से प्रदान करती है।

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