बिज़नेस

केंद्र ने व्यापार के उभरते मुद्दों से निपटने में हितधारकों के सहयोग के लिए समर्पित ‘वैश्विक टैरिफ और व्यापार हेल्पडेस्क’ का संचालन शुरू किया

वाणिज्य विभाग और डीजीएफटी वैश्विक व्यापार में होने वाले घटनाक्रमों पर, खास तौर पर टैरिफ में होने वाले बदलाव, आयात में उछाल और निर्यात से जुड़ी चुनौतियों के संबंध में सक्रिय रूप से नजर रख रहे हैं। उभरते व्यापार परिदृश्य और कई टैरिफ और काउंटर-टैरिफ उपायों की शुरूआत को देखते हुए, नए निर्यात अवसर और विशिष्ट देशों या उत्पाद क्षेत्रों से आयात दबाव दोनों ही बढ़ सकते हैं। ऐसे बदलावों का सामना कर रहे निर्यातकों और आयातकों को अपने इनपुट साझा करने और संभावित सहायता उपायों का सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस संदर्भ में, डीजीएफटी ने उभरते व्यापार मुद्दों से निपटने में हितधारकों के सहयोग के लिए एक समर्पित ‘वैश्विक टैरिफ और व्यापार हेल्पडेस्क’ चालू किया है।

‘ग्लोबल टैरिफ चैलेंज हेल्पडेस्क’ आयात और निर्यात चुनौतियों, आयात में उछाल या डंपिंग, एक्जिम क्लीयरेंस, लॉजिस्टिक्स या सप्लाई चेन चुनौतियों, वित्तीय या बैंकिंग मुद्दों, विनियामक या अनुपालन मुद्दों और अन्य मुद्दों या सुझावों से संबंधित मुद्दों पर विचार करेगा। हेल्पडेस्क केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के अन्य मंत्रालयों/ विभागों/ एजेंसियों से संबंधित व्यापार संबंधी मुद्दों को भी एकत्रित और संयोजित करेगा और उनका सहयोग प्राप्त करने और संभावित समाधान प्रदान करने के लिए समन्वय करेगा।

निर्यात-आयात समुदाय डीजीएफटी वेबसाइट पर जानकारी पेश कर सकते हैं और अपने मुद्दों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत कर सकते हैं जिन पर निम्नलिखित चरणों का उपयोग करके सहयोग की आवश्यकता है-

  1. डीजीएफटी वेबसाइट (https://dgft.gov.in) पर जाएं — > सर्विसेज — > डीजीएफटी हेल्पडेस्क सेवा
  2. ‘नया अनुरोध बनाएं’ और श्रेणी के रूप में ‘वैश्विक टैरिफ और व्यापार और मुद्दे’ चुनें
  3. उपयुक्त उप-श्रेणी (आयात चुनौतियां, निर्यात चुनौतियां, आयात में उछाल या डंपिंग, एक्जिम निकासी, रसद या आपूर्ति श्रृंखला चुनौतियां, विनियामक और अनुपालन मुद्दे, और अन्य मुद्दे और सुझाव) चुनें, अन्य प्रासंगिक विवरण दर्ज करें और सबमिट करें।

वैकल्पिक तौर पर, मुद्दों को ईमेल आईडी: dgftedi[at]nic[dot]in पर विषय शीर्षक: ‘ग्लोबल टैरिफ और ट्रेड हेल्पडेस्क’ के साथ भेजा जा सकता है, या टोल-फ्री नंबर 1800-111-550 पर कॉल किया जा सकता है।

डीजीएफटी हेल्पडेस्क सेवाओं के तहत स्टेटस ट्रैकर का उपयोग करके समाधान और फीडबैक की स्थिति को ट्रैक किया जा सकता है। इन टिकटों की स्थिति अपडेट होने पर ईमेल और एसएमएस भी भेजे जाएंगे। व्यापार हितधारकों को इन सहायता सुविधाओं का उचित उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

Editor

Recent Posts

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वॉटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवॉर्ड्स एवं कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित किया

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि विकास और पर्यावरण को विरोधी शक्तियों…

9 घंटे ago

पश्चिम एशिया हवाई क्षेत्र की स्थिति – भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा आज 51 उड़ानें संचालित करने की योजना

नागरिक उड्डयन मंत्रालय पश्चिम एशिया में उत्पन्न हो रही स्थिति पर निरंतर नज़र रख रहा…

9 घंटे ago

इजरायल और अमेरिका की संयुक्त सेनाओं और ईरान के बीच संघर्ष का आज सातवां दिन

इस्राएल और अमरीका की संयुक्त सेनाओं और ईरान के बीच संघर्ष का आज सातवां दिन…

11 घंटे ago

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.88 अरब डॉलर बढ़कर 728.49 अरब डॉलर के पार

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान चार अरब 88…

11 घंटे ago

इस्पात, लौह अयस्क और उर्वरक यातायात में मजबूत वृद्धि से भारतीय रेल को फरवरी में 14,571 करोड़ रुपये का माल ढुलाई राजस्व प्राप्त हुआ

भारतीय रेल कोयला, इस्पात, उर्वरक, सीमेंट, अनाज और कंटेनर जैसी आवश्यक वस्तुओं के कुशल परिवहन…

11 घंटे ago