बिज़नेस

केंद्र ने व्यापारियों/थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी श्रृंखला वाले खुदरा विक्रेताओं और प्रसंस्करणकर्ताओं के लिए गेहूं की स्टॉक सीमा में संशोधन किया

भारत सरकार गेहूं की कीमतों पर कड़ी नजर रखती है और देश में उपभोक्ताओं के लिए मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त प्रयास करती है। रबी 2024 के दौरान कुल 1129 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन दर्ज किया गया और देश में गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता है।

समग्र खाद्य सुरक्षा का प्रबंधन करने और जमाखोरी तथा अनैतिक सट्टेबाजी को रोकने के लिए, भारत सरकार ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापारियों/थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी श्रृंखला वाले खुदरा विक्रेताओं और प्रसंस्करणकर्ताओं पर लागू होने वाली गेहूं की स्टॉक सीमाएं लगाई हैं। निर्दिष्ट खाद्य पदार्थों पर लाइसेंसिंग आवश्यकताओं, स्टॉक सीमाओं और आवागमन प्रतिबंधों को हटाने (संशोधन) आदेश, 2024 को 24 जून 2024 को जारी किया गया था और यह सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 31 मार्च 2025 तक लागू है।

गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करने के सतत प्रयासों के तहत, केंद्र सरकार ने गेहूं की स्टॉक सीमा को निम्नानुसार संशोधित करने का निर्णय लिया है:

इकाइयांमौजूदा गेहूं स्टॉक सीमासंशोधित गेहूं स्टॉक सीमा
व्यापारी/ थोक विक्रेता3000 मीट्रिक टन2000 मीट्रिक टन
खुदरा विक्रेताप्रत्येक रिटेल आउटलेट के लिए 10 मीट्रिक टन।प्रत्येक रिटेल आउटलेट के लिए 10 मीट्रिक टन।
बड़ी श्रृंखला वाले खुदरा विक्रेताप्रत्येक आउटलेट पर 10 मीट्रिक टन तथा सभी डिपो पर 3000 मीट्रिक टन।प्रत्येक आउटलेट के लिए 10 मीट्रिक टन और उनके सभी डिपो पर (आउटलेटों की कुल संख्या x 10) मीट्रिक टन।
प्रसंस्करणकर्ताओंस्थापित मासिक क्षमता (एमआईसी) का 70% वित्त वर्ष 2024-25 के शेष महीनों से गुणा किया जाएगा।स्थापित मासिक क्षमता (एमआईसी) का 60% वित्त वर्ष 2024-25 के शेष महीनों से गुणा किया जाएगा।

सभी गेहूं भंडारण संस्थाओं को गेहूं स्टॉक सीमा पोर्टल (https://evegoils.nic.in/wsp/login) पर पंजीकरण कराना होगा और हर शुक्रवार को स्टॉक की स्थिति को अपडेट करना होगा। कोई भी संस्था जो पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराती है या स्टॉक सीमा का उल्लंघन करती है, उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यदि उपरोक्त संस्थाओं के पास उपरोक्त निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक है, तो उन्हें अधिसूचना जारी होने के 15 दिनों के भीतर इसे निर्धारित स्टॉक सीमा तक लाना होगा। केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारी इन स्टॉक सीमाओं के प्रवर्तन की बारीकी से निगरानी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश में गेहूं की कोई कृत्रिम कमी न पैदा हो।

Editor

Recent Posts

आठवीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्‍त आयोग की बैठक आज नई दिल्‍ली में संपन्‍न हुई

नई दिल्‍ली में आज आठवीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्‍त आयोग की बैठक हुई। इस बैठक की सह-अध्‍यक्षता…

7 घंटे ago

मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों में देश भर में तेज वर्षा का पूर्वानुमान लगाया

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ रहा है। विभाग ने अगले दो-तीन दिनों…

10 घंटे ago

आज विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस है, इस वर्ष का विषय है- समस्या से समाधान तक – हर जगह सुरक्षित भोजन

आज विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस है। इस वर्ष विश्‍व खाद्य सुरक्षा दिवस का विषय है- समस्या…

10 घंटे ago

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के 100 दिन पूरे हो गए

अमरीका और ईरान के बीच संघर्ष के 100 दिन पूरे हो गए हैं। फरवरी के…

10 घंटे ago

CBSE कक्षा 12 के पुनर्मूल्यांकन आवेदन पोर्टल को आज रात बंद कर देगा

कक्षा 12वीं की परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद संबंधित मुद्दों की जांच और…

10 घंटे ago

APEDA ने झारखंड से यूनाइटेड किंगडम के लिए ताजे आमों की पहली वाणिज्यिक खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा)…

11 घंटे ago