विदेश मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम जयशंकर और अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आज नई दिल्ली में कई मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने भारत और अमरीका सामरिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह भागीदारी व्यापार, ऊर्जा, मोबिलिटी और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और अमरीका के बीच व्यापक वैश्विक सामरिक भागीदारी है जो गहरे सहयोग पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों का पूरी दुनिया पर असर पड़ता है और कई क्षेत्रों में उनके हित एकसमान हैं। विदेशमंत्री ने कहा कि मौजूदा चर्चा एक जटिल वैश्विक परिस्थितियों में हुई है लेकिन उन्हें खुले मन से और सार्थक चर्चा का विश्वास है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को जल्दी अंतिम रूप दिया जाना ज़रूरी है। उन्होंने ऊर्जा व्यापार में हुए विस्तार का स्वागत किया और कहा कि अधिकाधिक स्रोतों से ऊर्जा की आपूर्ति भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ज़रूरी है।
डॉक्टर जयशंकर ने यह भी कहा कि दोनों देशों की जनता के परस्पर संबंध महत्वपूर्ण हैं और कानूनी तौर पर आवाजाही में व्यवधान उत्पन्न नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत संघर्षों के समाधान के लिए हमेशा बातचीत और राजनयिक प्रयास जारी रखे जाने के पक्ष में रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत समुद्री मार्ग से सुरक्षित और अबाधित व्यापार के पक्ष में है। ईरान संघर्ष के बारे में डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत और अमरीका– दोनों इस पक्ष में हैं कि दुनियाभर में ऊर्जा की कीमतें कम रहें।
अमरीका के विदेशमंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि भारत, अमरीका के सबसे महत्वपूर्ण सामरिक भागीदारों में से है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आतंकवाद की पीड़ा झेली है और दोनों देश उन मुद्दों पर एक जैसी राय रखते हैं जो आने वाली सदी की रूपरेखा तय करेंगे।
मार्को रूबियो ने कहा कि ऊर्जा के मुद्दे पर भी दोनों देशों की राय एकसमान है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अमरीका 21वीं सदी क लिए अपनी आप्रवासन नीति को नया रूप दे रहा है। ईरान के बारे में उन्होंने कहा कि अगले कुछ घंटों में सकारात्मक ख़बरें आ सकती हैं।दोनों नेताओं ने खाड़ी और हिंद-प्रशांत सहित क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। मार्को रूबियो की भारत यात्रा ऐसे समय में हुई है जब क्वाड देशों के विदेशमंत्रियों की बैठक भी होने वाली है।
इससे पहले, विदेश मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम जयशंकर ने आज अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि भारत और अमरीका के बीच व्यापक वैश्विक सामरिक भागीदारी है जो गहरे सहयोग पर आधारित है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ बैठक में कही। डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि भारत और अमरीका के संबंधों का केवल दोनों देशों पर नहीं, बल्कि दुनिया के वृहत्तर हिस्से पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों और दुनिया के कई हिस्सों पर दोनों देशों के हित एकसमान है। विदेश मंत्री ने यह कहा कि मौजूदा समय जटिल है लेकिन उन्हें विश्वास है कि दोनों पक्ष खुले मन से चर्चा करेंगे और यह बातचीत सार्थक रहेगी।
अमरीकी विदेशमंत्री कल चार दिन की यात्रा पर भारत पहुंचे। वे 26 मई को क्वाड देशों के विदेशमंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में आस्ट्रेलिया के विदेशमंत्री पेन्नी वांग और जापान के विदेशमंत्री तोशिमित्सु मोटेगी भी शामिल होंगे। विदेशमंत्रियों के बीच प्राथमिक क्षेत्रों में क्वाड सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। बैठक में, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर जारी पहलों की समीक्षा भी की जाएगी।
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