वैश्विक आतंकवाद वित्तपोषण निगरानी संस्था, वित्तीय कार्रवाई कार्य बल-एफएटीएफ ने तेज़ी से डिजिटल हो रही दुनिया में धन के दुरुपयोग से जुडे संभावित खतरों को उजागर किया है। एफ.ए.टी.एफ. ने कहा कि धन का दुरुपयोग आतंकवाद को समर्थन देने, अवैध कमाई छिपाने या वैश्विक शांति को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
एफएटीएफ ने इस वर्ष प्रकाशित अपनी दो रिपोर्टों पर भी प्रकाश डाला है जो “जटिल वित्तपोषण प्रसार और प्रतिबंधों की अवहेलना” तथा “आतंकवादियों को धन पहुंचाने के जोखिमों” से संबंधित हैं। एफएटीएफ ने कहा कि इन रिपोर्ट में उन्नत तरीकों को व्यापक रूप से शामिल किया गया है, जिनमें प्रतिबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान छिपाने के लिए लाभकारी स्वामित्व की जानकारी में हेरफेर, आभासी संपत्तियों और क्रिप्टोकरेंसी का दुरुपयोग, और अंतर्राष्ट्रीय नियमों को दरकिनार करने के लिए समुद्री क्षेत्रों और शिपिंग उद्यमों का लाभ उठाना शामिल है।
इस बीच, भारत द्वारा प्रस्तुत एक मामले के अध्ययन में दक्षिण एशियाई क्षेत्र में पाकिस्तान के सरकारी स्वामित्व वाले राष्ट्रीय विकास परिसर से उत्पन्न होने वाली प्रसार संबंधी चिंताओं को उजागर किया गया है। इस परिसर पर प्रसार वित्तपोषण संबंधी चिंताओं के कारण कई देशों में प्रतिबंध लगा हुआ है। इसमें कहा गया है कि प्रसार वित्तपोषण के लिए पाकिस्तान इस क्षेत्र में उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बना हुआ है।
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