विदेश मंत्रालय ने कहा है कि फरक्का बैराज के द्वार खोलने से गंगा और पद्मा नदी के निचले हिस्से में प्राकृतिक जल प्रवाह मौसम संबंधी सामान्य प्रक्रिया है। इस बारे में मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि गंगा नदी घाटी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा से बढ़े जल के कारण ऐसी स्थिति पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि फरक्का एक बैराज है कोई बांध नहीं और जब भी जल स्तर संग्रहण स्तर तक पहुंचता है तो पानी बाहर आ जाता है। उन्होंने कहा कि केवल 40 हजार क्यूसेक पानी फरक्का नहर में छोड़ा जाता है जो गंगा और पद्मा नदी पर द्वार प्रणाली के सावधानीपूर्वक उपयोग से संतुलित रूप से मुख्य नदी में बांग्लादेश की ओर बहता है।
रणधीर जयसवाल ने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार बांग्लादेश के संबंधित संयुक्त नदी आयोग के अधिकारियों के साथ यह जानकारी नियमित रूप से साझा की जाती है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने गलतफहमी पैदा करने वाले फर्जी वीडियो और अफवाहें देखी है जिसे तथ्यों के आधार पर दृढ़ता से खारिज किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉं के साथ 14 जून 2026 को फ्रांस…
कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक के साथ…
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD), जो कि सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार…
नीति आयोग ने आज पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक संवाद बैठक की, जिसमें…
आज से एक वर्ष पहले, एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171, जो अहमदाबाद से लंदन जा…
मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी और स्वच्छता के प्रतीक इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि…