कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने कारोबार को आसान बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं, जिनमें कंपनियों और सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) के निगमन और निकास की आसान और त्वरित प्रक्रिया, विलय की शीघ्र मंजूरी आदि शामिल हैं।
इस संबंध में, एमसीए-21 पोर्टल पर कंपनियों और एलएलपी द्वारा विनियामक अनुपालन के लिए, एमसीए में ईमेल, हेल्पडेस्क सिस्टम, टिकटिंग टूल्स, चैटबॉट और सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से हितधारकों द्वारा उठाई गई चिंताओं की नियमित समीक्षा की एक प्रणाली है।
तत्काल प्रकृति के मुद्दों को हल करने के एक और उपाय के रूप में, एक विशेष टीम का गठन किया गया है जो कुशल निपटान के लिए शिकायतों पर गौर करेगी, यदि आवश्यक हो तो प्रणालीगत समाधान सुझाएगी और एमसीए-21 पोर्टल पर अनुपालन के लिए हितधारकों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में प्रकाशित उस खबर पर संज्ञान लिया है, जिसमें…
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि ने 29 अक्टूबर, 2026 को कोरिया गणराज्य के बुसान…
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 'कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य…
केंद्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात…
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज संसद और राज्य विधानसभाओं की लोक लेखा समितियों (पीएसी)…
जल निकायों के पुनरुद्धार को अवसंरचना विकास के साथ एकीकृत करने की दिशा में एक…