मॉयल ने विशाखापत्तनम से इंडोनेशिया को 54,600 टन मैंगनीज अयस्क चूर्ण की अपनी पहली खेप राज्य व्यापार उद्यम (एसटीई) के रूप में भेजी है। यह भारत से मैंगनीज अयस्क निर्यात में मॉयल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
भारत सरकार ने देश से 46 प्रतिशत मिलियन ग्रेड से कम मैंगनीज अयस्क के निर्यात के लिए मॉयल को एक राज्य व्यापार उद्यम (एसटीई) नियुक्त किया है। मॉयल ने व्यापार नीति के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में मिलियन ग्रेड के मैंगनीज अयस्क के निर्यात के लिए एक व्यवस्था स्थापित की थी, जिसके तहत भारत से मिलियन ग्रेड के किसी भी निर्यात को मॉयल के माध्यम से ही करना जरूरी है। मॉयल ने 22 अगस्त, 2025 को विशाखापत्तनम से प्रस्तावित 54,600 टन मिलियन ग्रेड के अयस्क की पहली खेप इंडोनेशिया भेजी। घरेलू आपूर्तिकर्ताओं के साथ बैक-टू-बैक व्यवस्था के तहत, मॉयल विदेशी खरीदारों को सामग्री का निर्यात करता है।
देश से निम्न श्रेणी के मैंगनीज अयस्क (25 प्रतिशत) का निर्यात विशेष महत्व रखता है क्योंकि भारत में निम्न श्रेणी के फाइंस का अधिशेष एमएन अयस्क है। यह घरेलू मांग से कहीं अधिक है। इसलिए निम्न श्रेणी के अयस्क का निर्यात भारत की वैश्विक उपस्थिति को बढ़ाता है और इससे विदेशी आय भी बढ़ती है।
मॉयल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजीत कुमार सक्सेना ने अपनी टीम को राज्य व्यापार उद्यम के रूप में मैंगनीज अयस्क की पहली निर्यात खेप के लिए बधाई दी और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए कुशल संचालन और सुविचारित रणनीतियों पर ज़ोर दिया।
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