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राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने लाल चंदन किसानों को 45 लाख रुपये वितरित किए

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने आंध्र प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के माध्यम से आंध्र प्रदेश के किसानों को 45 लाख रुपये (50,000 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की राशि जारी करके अभिगम और लाभ साझाकरण (एबीएस) संवितरण के अंतर्गत अपनी श्रृंखला को जारी रखा है। इस राशि के वितरण के साथ, भारत द्वारा जारी की गई कुल अभिगम और लाभ साझाकरण राशि अब 143.5 करोड़ रुपये (16 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक हो गई है।

यह पहल लाल चंदन की खेती करने वाले किसानों के लिए उपलब्ध आर्थिक अवसर को रेखांकित करती है, जिन्हें दोहरी आय का लाभ मिलता है: पहला, खेती की गई लाल चंदन की लकड़ी/लठ्ठों की कानूनी रूप से बिक्री के माध्यम से; और दूसरा, जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत अनिवार्य अभिगम और लाभ साझाकरण तंत्र के अंतर्गत मौद्रिक लाभ के माध्यम से। इस प्रकार अभिगम और लाभ साझाकरण ढांचा विश्व स्तर पर मूल्यवान स्थानिक प्रजाति के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए किसानों को सीधे तौर पर पुरस्कृत करता है।

आज तक, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने आंध्र प्रदेश राज्य को लाल चंदन के संरक्षण, सुरक्षा और लाभ के दावेदारों के लिए 104 करोड़ रुपये (11.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक और तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना सहित अन्य राज्यों को 15 करोड़ रुपये (1.66 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक की राशि जारी की है।

पिछले तीन महीनों में, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्यों के 220 से अधिक लाल चंदन किसानों को अभिगम और लाभ साझाकरण की ओर से 5.35 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण का अभिगम और लाभ साझाकरण ढांचा न केवल लाभों के निष्पक्ष और समान वितरण को सुनिश्चित करता है, बल्कि सक्रिय रूप से सतत उपयोग प्रणालियों को बढ़ावा देता है, अवैध व्यापार और अत्यधिक दोहन को हतोत्साहित करता है। संरक्षण परिणामों को ठोस जैव-आर्थिक लाभों से जोड़कर, अभिगम और लाभ साझाकरण ढांचा लाल चंदन को एक संरक्षित प्रजाति से कृषि समुदायों के लिए आजीविका-सहायक संपत्ति में बदल देता है।

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के निरंतर प्रयासों से अभिगम और लाभ साझाकरण की धनराशि लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलती है, जिससे संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और किसानों एवं समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण भावी पीढ़ियों के लिए लाल चंदन के संरक्षण हेतु कार्य करता है, जिससे आजीविका और वैश्विक जैव विविधता प्रयासों में देश के नेतृत्व दोनों को समर्थन मिलता है।

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