राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास के लिए तकनीकी विशेषज्ञता को मजबूत करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हाल ही में ओस्लो में नॉर्वे के जियोटेक्निकल इंस्टीट्यूट (एनजीआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित और रखरखाव करने के प्रति एनएचएआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एनएचएआई भू-तकनीकी अभियांत्रिकी और प्राकृतिक आपदाओं के निवारण में एनजीआई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेषज्ञता का लाभ उठाएगा। भूगर्भीय रूप से संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण भूभागों में अभियांत्रिकी क्षमताओं को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य सुरंग निर्माण, ढलान स्थिरता विश्लेषण, ढलानों की निगरानी और संस्थागत क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, मूल्यांकन और निगरानी में सहयोग हेतु उन्नत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता का लाभ उठाना है। इस समझौता ज्ञापन के तहत, एनजीआई विभिन्न परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा इनमें सुरंग परियोजनाओं के लिए स्थल का विशिष्टीकरण, आगामी सुरंग परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अध्ययन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करना, परिचालन सुरंगों का संरचनात्मक मूल्यांकन और सुरक्षा लेखापरीक्षा, साथ ही संभावित खतरों की पहचान करने और उपयुक्त शमन उपायों की सिफारिश करने के लिए उन्नत ढलान स्थिरता मूल्यांकन शामिल हैं। इस सहयोग में ढलानों के लिए इनसार डेटा का विश्लेषण और व्याख्या तथा अवसंरचना सुरक्षा में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों का विकास भी शामिल है।
समझौता ज्ञापन में इसके अतिरिक्त, संस्थागत क्षमता निर्माण और ज्ञान आदान-प्रदान पर बल दिया गया है। दोनों संगठन प्राकृतिक आपदाओं को कम करने से संबंधित अनुसंधान और विकास पहलों पर सहयोग करेंगे। संयुक्त कार्यशालाओं, सेमिनारों, तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विशेष तकनीकी साहित्य के प्रकाशन के माध्यम से राजमार्ग क्षेत्र की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाया जाएगा।
दोनों संगठन पहचान किये गये क्षेत्रों में मिलकर काम करने का प्रयास करेंगे। यह समझौता परियोजना-दर-परियोजना आधार पर लागू होगा, इससे प्रत्येक पक्ष को आवश्यकतानुसार अन्य संगठनों के साथ स्वतंत्र रूप से सहयोग करने की सुविधा मिलेगी। यह समझौता ज्ञापन पांच वर्षों की अवधि के लिए वैध रहेगा।
एनएचएआई और एनजीआई के बीच सहयोग से सुरक्षित, टिकाऊ और विश्व स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास में तकनीकी क्षमताओं को मजबूती मिलेगी। यह साझेदारी अवसंरचना विकास, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और टिकाऊ इंजीनियरिंग पद्धतियों के क्षेत्र में भारत और नॉर्वे के बीच बढ़ते सहयोग को भी दर्शाती है। इससे द्विपक्षीय संबंध और गहरे होंगे और दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सी.बी.एस.ई ने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने…
भारत के ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को मजबूत करने और पूरे देश में अंतिम दूरी तक…
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल के…
केरलम में सात बार के कांग्रेस विधायक तिरुवनचूर राधाकृष्णन 16वीं केरलम विधानसभा का अध्यक्ष चुना…
निर्वाचन आयोग ने आज राज्यसभा की दस राज्यों की 24 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव…
भारत और साइप्रस ने आज आतंकरोधी, नवाचार और प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा और अनुसंधान तथा सांस्कृतिक…