नेशनल स्टॉक एक्सचेंज-एनएसई में विशिष्ट पंजीकरण निवेशकों की संख्या 20 जनवरी 2025 को 11 करोड से अधिक हो गई। उपभोक्ता खातों की कुल संख्या 21 करोड हो गई। एनएसई के प्रमुख बिजनेस डेवलपमेंट अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि इस उपलब्धि से भारत के तेजी से बदलते निवेश परिदृश्य का पता चलता है जिसके कारण करोडों लोग आर्थिक वृद्धि में योगदान और पूंजी बाजारों में निवेश कर रहे हैं।
एनएसई में पहले एक करोड निवेशक का आंकडा 14 वर्ष में हासिल हुआ था लेकिन पिछले एक करोड निवेशक सिर्फ पांच महीनों में ही पूंजी बाजारों से जुड गये हैं। डिजिटलीकरण, निवेशक जागरूकता, आर्थिक विस्तार और बाजार के मजबूत प्रदर्शन के चलते एक दिन में होने वाले पंजीकरणों की संख्या 47 हजार से 73 हजार के रेंज में आंकी जा रही है। निवेशकों की औसत आयु 32 वर्ष है और चार में से एक निवेशक महिला है। पंजीकरण में सबसे अग्रणी राज्य हैं–महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात।
भारतीय शेयर बाजारों में पिछले नौ वर्ष से आय में वृद्धि दर्ज हो रही है। वर्ष 2024 में 50 शेयरों पर आधारित निफ्टी-50 सूचकांक आठ दशमलव आठ प्रतिशत की बढत में रहा था और पांच सौ शेयरों पर आधारित निफ्टी-500 में 15 दशमलव दो प्रतिशत वृद्धि हुई थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों की बाजार पूंजी मई 2014 के 73 दशमलव पांच लाख करोड रूपये की तुलना में लगभग छह गुणा बढकर आज 425 लाख करोड हो गई है।
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