स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने आज, 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 2024-25 के वार्षिक वित्तीय परिणाम घोषित किए।
वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के वित्तीय परिणाम (स्टैंडअलोन)
| इकाई | Q4 23-24 | Q3 24-25 | Q4 24-25 | |
| कच्चा इस्पात उत्पादन | मिलियन टन | 5.02 | 4.63 | 5.09 |
| विक्रय मात्रा | मिलियन टन | 4.56 | 4.45 | 5.33 |
| प्रचालन से कारोबार | रुपया करोड़ | 27,958 | 24,490 | 29,316 |
| ब्याज, कर और मूल्यहास चुकाने से पहले की कमाई (EBITDA) | रुपया करोड़ | 3,829 | 2,389 | 3,781 |
| अप्रत्याशित वस्तुएं और कर से पहले का लाभ | रुपया करोड़ | 1,831 | 289 | 1,593 |
| अप्रत्याशित वस्तुएं | रुपया करोड़ | (502) | 29 | (29) |
| कर–पूर्व लाभ (PBT) | रुपया करोड़ | 1,329 | 318 | 1,564 |
| कर – पश्चात लाभ (PAT) | रुपया करोड़ | 1,011 | 126 | 1,178 |
वित्त वर्ष 2024-25के वार्षिक वित्तीय परिणाम (स्टैंडअलोन)
| इकाई | FY 23-24 | FY 24-25 | |
| कच्चा इस्पात उत्पादन | मिलियन टन | 19.24 | 19.17 |
| विक्रय मात्रा | मिलियन टन | 17.02 | 17.89 |
| प्रचालन से कारोबार | रुपया करोड़ | 1,05,375 | 1,02,478 |
| ब्याज, कर और मूल्यहास चुकाने से पहले की कमाई(EBITDA) | रुपया करोड़ | 12,280 | 11,764 |
| अप्रत्याशित वस्तुएं और कर से पहले का लाभ | रुपया करोड़ | 4,529 | 3,321 |
| अप्रत्याशित वस्तुएं | रुपया करोड़ | (841) | (313) |
| कर–पूर्व लाभ (PBT) | रुपया करोड़ | 3,688 | 3009 |
| कर – पश्चात लाभ (PAT) | रुपया करोड़ | 2,733 | 2,148 |
कंपनी ने आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन 1.60 रुपये प्रति शेयर (अंकित मूल्य 10 रुपये प्रति शेयर) का अंतिम लाभांश प्रस्तावित किया है।
सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा “ट्रेड पॉलिसिज और इम्पोर्ट डॉयनेमिक्स में बदलाव से आकार लेने वाले मौजूदा वैश्विक इस्पात परिदृश्य में, सेल(SAIL)अनुकूलता और रणनीतिक दक्षता का प्रदर्शन जारी रखे हुए है। हमारे नवीनतम वित्तीय परिणाम परिचालन दक्षता, सतत विकास और स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन के प्रति हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 की अंतिम तिमाही में अंतर्राष्ट्रीय टैरिफ और आयात दबावों से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, हमारा प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। यह जटिल परिस्थितियों से निपटने और हमारी स्थिति को मजबूत करने की हमारी क्षमता को रेखांकित करता है।घरेलू इस्पात की मांग के लिए सहयोगी सरकारी नीतियां शुभ संकेत दे रही हैं। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, सेल राष्ट्रीय इस्पात नीति के अनुरूप नवाचार, लागत अनुकूलन और भविष्य के नियोजित विस्तार पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।“
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