बिज़नेस

SEBI ने भारतीय प्रतिभूति बाजार में अघोषित परिसंपत्तियों को कम करने और निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिजिलॉकर के साथ साझेदारी की

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने दावा न की गई वित्तीय परिसंपत्तियों के मुद्दे का समाधान करने के लिए “भारतीय प्रतिभूति बाजार में दावा न की गई परिसंपत्तियों को कम करने के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रूप में डिजिलॉकर का उपयोग” शीर्षक से एक परिपत्र जारी किया है। यह पहल निवेशकों को डिजिलॉकर (एक प्रमुख डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना) के माध्यम से अपने डीमैट और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स की जानकारी संग्रहीत करने और उस तक पहुंचने में सक्षम बनाती है, जिससे निवेशकों और उनके परिवारों को लाभ मिलता है।

पहल की मुख्य विशेषताएं

  1. सिक्योरिटीज होल्डिंग्स तक पहुंच : डिजिलॉकर उपयोगकर्ता अब अपने डीमैट खातों से अपने समेकित खाता विवरण (सीएएस) के साथ-साथ शेयरों और म्यूचुअल फंड इकाइयों के लिए होल्डिंग्स का विवरण प्राप्त और संग्रहीत कर सकते हैं। इससे मौजूदा डिजिलॉकर सेवाओं का विस्तार होगा जिसमें पहले से ही बैंक खाता विवरण, बीमा पॉलिसी प्रमाण पत्र और एनपीएस खाता विवरण शामिल हैं।
  2. निर्बाध पहुंच के लिए नामांकन सुविधा : उपयोगकर्ता डिजिलॉकर एप्लिकेशन के भीतर डेटा एक्सेस नॉमिनी नियुक्त कर सकते हैं। उपयोगकर्ता की मृत्यु की स्थिति में, इन नामांकित व्यक्तियों को डिजिलॉकर खाते तक केवल पढ़ने की अनुमति दी जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि आवश्यक वित्तीय जानकारी कानूनी उत्तराधिकारियों को आसानी से उपलब्ध हो सके।
  3. नामांकित व्यक्तियों को ऑटोमेटेड नोटिफिकेशन : केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) द्वारा उपयोगकर्ता की मृत्यु की सूचना मिलने पर – जो सेबी के साथ पंजीकृत और विनियमित हैं – डिजिलॉकर सिस्टम स्वचालित रूप से डेटा एक्सेस नॉमिनी को सूचित करेगा। इस पहुंच से संबंधित वित्तीय संस्थानों के साथ ट्रांसमिशन प्रक्रिया की शुरुआत में सुविधा होने की उम्मीद है।
  4. केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) की भूमिका: इस स्तर पर केआरए डेटा एक्सेस नामांकित व्यक्तियों को सत्यापन और अधिसूचनाएं भेजने के लिए प्राथमिक स्रोत के रूप में काम करेंगे, जिससे एक सुचारु ट्रांजीशन प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।

सेबी और डिजिलॉकर की सहभागिता

वित्तीय रिकार्ड्स तक निर्बाध पहुंच की सुविधा प्रदान करके यह मैकेनिज्म दावा रहित परिसंपत्तियों को कम करने में मदद करेगा तथा उन परिसंपत्तियों की पहचान सुनिश्चित करता है जो अन्यथा अज्ञात रह जाती हैं।

Editor

Recent Posts

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में उन्नत इंस्ट्रूमेंटेशन सुविधा और प्रौद्योगिकी नवाचार मंच का उद्घाटन किया

भारत के उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति, सी. पी. राधाकृष्णन ने आज पंजाब…

7 घंटे ago

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय तीरंदाजी संघ की ‘विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज’ का उद्घाटन किया

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय तीरंदाजी संघ…

7 घंटे ago

मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात

मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश से फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए…

12 घंटे ago

बिहार में गंगा, पुनपुन, गंडक और कोसी समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर

बिहार में गंगा, पुनपुन, गंडक और कोसी समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। राज्य…

12 घंटे ago

नेपाल और तिब्बत में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक 1,282 लोगों की मृत्‍यु हो गई

नेपाल और तिब्बत में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक एक हजार दो सौ…

12 घंटे ago

NCPCR ने विशेष अभियान के तहत 3800 से ज़्यादा बच्चों को बाल मज़दूरी से मुक्त कराया

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत एक वैधानिक संस्था, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग…

12 घंटे ago