श्रीलंका में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा है कि देश में अब नस्लवादी राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यहां धार्मिक उग्रवाद को कभी पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने 10वीं संसद के उद्घाटन सत्र के दौरान यह बात कही। आज आधिकारिक रूप से नई संसद का सत्र बुलाया गया।
राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके द्वारा प्रस्तुत नीति वक्तव्य सरकार की राष्ट्रीय एकता, सुशासन और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सहयोग प्राप्त करने की योजनाओं को दर्शाता है, जो श्रीलंका के राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय करेगा साथ ही आईएमएफ कार्यक्रम के तीसरे समीक्षा चरण को पूरा करने के लिए समझौता कल तक अंतिम रूप दिया जाएगा। उद्घाटन सत्र में अशोक सपुमाल राणावाला को सदन का अध्यक्ष और साजिथ प्रेमदासा को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की समिति ने आज…
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज इटानगर में अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज रेल मंत्रालय…
अत्याधुनिक महासागर अनुसंधान पोत (यार्ड 3041), जिसका आधिकारिक नाम ओआरवी सागर मंथन है, को आज…
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में 8 सितंबर…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात…