भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार डैशबोर्ड से गैर-व्यक्तिगत, अनाम डेटा को ओपन गवर्नमेंट डेटा प्लेटफॉर्म data.gov.in पर साझा करना शुरू कर दिया है। यह एक ऐसा मंच है जो सरकारी डेटा को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य सरकारी डेटा को पारदर्शिता ओर आसानी से सुलभ बनाना हैं।
इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता, शोध और डेटा-संचालित नीति निर्माण को और अधिक बढ़ावा देना है।
यूआईडीएआई के मुख्य डेटा अधिकारी (सीडीओ) और उप महानिदेशक द्वारा जारी किए गए डेटासेट में आधार नामांकन, अद्यतन और प्रमाणीकरण पैटर्न पर समेकित जानकारी शामिल है, जिन्हें स्थान, आयु-समूह और अन्य प्रासंगिक मापदंडों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
इन गैर-व्यक्तिगत और अनाम डेटासेट को सुलभ बनाकर, यूआईडीएआई का लक्ष्य शैक्षणिक शोध, डिजिटल सेवाओं में नवाचार और सहयोगात्मक विकास को समर्थन देना है।
यह पहल साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण और तकनीकी नवाचार के लिए नए रास्ते खोलती है, तथा पारदर्शिता, जन कल्याण और सुरक्षित डेटा प्रशासन के प्रति यूआईडीएआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक हित के लिए ओपन डेटा के महत्व को अधिकतम करने के व्यापक सरकारी दृष्टिकोण के अनुरूप भी है। इससे डिजिटल समावेशन और शासन दक्षता को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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