केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने 12 सफदरजंग रोड स्थित आवास पर 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) एवं कृषि उन्नति योजना (KY) के अंतर्गत राज्यों में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा इन दोनों योजनाओं में जारी धनराशि के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल बजटीय व्यय करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर किसानों की आय में ठोस वृद्धि सुनिश्चित करना है।
शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से आग्रह किया कि उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग 31 मार्च 2026 तक पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि समयबद्ध व्यय के साथ-साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है।
बैठक में कृषि अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, तकनीकी नवाचार, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन, बीज वितरण, फसल विविधीकरण तथा मूल्य संवर्धन जैसी पहलों पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से कहा कि वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन करें तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता दें, जिससे किसानों की लागत घटे और उत्पादकता में वृद्धि हो।
बैठक के दौरान रबी विपणन सत्र के अंतर्गत विभिन्न राज्यों द्वारा फसलों की खरीद के संबंध में प्रस्तुत प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए निम्नलिखित स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं जिसमें मध्य प्रदेश को चना एवं मसूर की खरीद की स्वीकृति, राजस्थान एवं गुजरात को चना एवं सरसों की खरीद की स्वीकृति, महाराष्ट्र को चना की खरीद की स्वीकृति शामिल हैं।
इन स्वीकृतियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुरूप प्राप्त हो सके तथा बाजार में मूल्य स्थिरता बनी रहे।
केंद्रीय मंत्री ने राज्यों को निर्देश दिया कि खरीद प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि खरीद केंद्र पर्याप्त मात्रा में हों, तौल, भंडारण एवं भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शिता एवं ईमानदारी से संचालित हो तथा किसानों को न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से ही कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने राज्यों से अपेक्षा की कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में नवाचार, तकनीक और पारदर्शिता को प्राथमिकता दें, जिससे किसानों का विश्वास और सुदृढ़ हो।
बैठक के अंत में राज्यों के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि वे योजनाओं के अंतर्गत धनराशि के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग के लिए तेजी से कार्य करेंगे तथा किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेंगे।
बैठक में गुजरात के कृषि मंत्री जीतूभाई, असम के अतुल बोरा, बिहार के रामकृपाल यादव, महाराष्ट्र के दत्तात्रेय भरणे, उत्तराखंड के गणेश जोशी, राजस्थान के किरोड़ी लाल मीणा, हरियाणा के श्याम सिंह राणा, केरल के पी. प्रसाद तथा मध्य प्रदेश के ऐदल सिंह, कृषि मंत्रालय के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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