विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत में आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को जून के अपने पूर्व अनुमान को बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। इसके लिए विश्व बैंक ने मजबूत घरेलू माँग, प्रबल ग्रामीण विकास और वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को कारण बताया है।
दक्षिण एशिया में विकास के बारे में अपने नवीनतम अपडेट में, विश्व बैंक ने कहा है कि मज़बूत उपभोग वृद्धि के बल पर भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
विश्व बैंक ने इस वर्ष दक्षिण एशिया में विकास दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, हालाँकि 2026 में इसके 5.8 प्रतिशत तक धीमी हो जाने का भी अनुमान लगाया गया है, जो अप्रैल से 0.6 प्रतिशत अंकों की गिरावट के पूर्वानुमान से कम है। विश्व बैंक ने कहा है कि अनिश्चित समाजिक, राजनीतिक रोश और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों से श्रम बाजार में व्यवधान के कारण दक्षिण एशिया में मंदी का जोखिम बना रहेगा।
देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर अक्टूबर में बढ़कर 4 महीने के उच्चतम स्तर…
नीति आयोग और ड्यूश गेसेलशाफ्ट एफयूआर इंटरनेशनेल जुसामेनरबीट (जीआईजेड) जीएमबीएच ने 3 नवंबर 2026 को…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 से…
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष पॉक्सो न्यायालयों सहित फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों…
संगठनात्मक आवश्यकताओं और कार्यकारी/सामरिक दक्षता के उद्देश्य से किए गए एक वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन से यह…
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने आज 'नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म' का शुभारंभ किया है। यह…