उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में, महाकुंभ को एक असाधारण अनुभव बनाने की तैयारी है। इसमें आध्यात्मिकता, नवाचार, परंपरा और डिजिटल प्रगति की झलक एकसाथ देखने को मिलेगी। आयोजन के दौरान साइबर ख़तरे से निपटने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
महाकुंभ में साइबर पेट्रोलिंग के लिए 56 समर्पित साइबर विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं। धोखाधड़ी वाली वेबसाइट, फर्जी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी मोबाइल लिंक जैसे साइबर खतरों के चुनौतियों से निपटने के लिए महाकुंभ साइबर पुलिस स्टेशन की स्थापना की गई है। साइबर खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मेला क्षेत्र में 40 विभिन्न प्रकार के सूचना संदेश पर डिस्पले लगाए जा रहे हैं। वहीं एक समर्पित हेल्प लाइन नम्बर 1920 भी जारी किया गया है। साइबर विशेषज्ञ ऑनलाइन खतरों की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर जनजागरूकता अभियान के लिए एक मोबाइल साइबर टीम भी तैनात की गई है। वर्तमान में लगभग विशेषज्ञों की टीम ने लगभग 50 संदिग्ध वेबसाइटों की पहचान की है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है।
विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने ‘जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर मित्र समूह‘ की…
उत्तराखंड में आज और कल कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग…
छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिन से लगातार हो रही वर्षा के कारण राज्य के सभी…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें बताया…
एपीडा ने 24 सितंबर 2026 को कर्नाटक से जीआई टैग वाली गुलबर्गा तुअर दाल की…
सोने की तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय…