ब्रिटेन ने अपनी शरण और आप्रवासन नीतियों में आधुनिक दौर के सबसे बड़े बदलावों की घोषणा की है। गृह मंत्री शबाना महमूद आज हाउस ऑफ कॉमन्स में अवैध प्रवासन से निपटने के लिए व्यापक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगी। ये बदलाव डेनमार्क के मॉडल से प्रेरित हैं और इनका उद्देश्य वर्तमान दौर में अनियमित प्रवासन को रोकना तथा सरकार की नीतियों को सख्त बनाना है। इन योजनाओं के तहत, शरणार्थियों को स्थायी निवास के लिए आवेदन करने से पहले 20 वर्ष तक इंतज़ार करना होगा। शरणार्थी का दर्जा अस्थायी होगा और समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी। अगर किसी का गृह देश सुरक्षित हो जाता है, तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि ब्रिटेन को इसके लिए कानून बनाना चाहिए और देश में प्रवेश करने और रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए।
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