ब्रिटेन ने अपनी शरण और आप्रवासन नीतियों में आधुनिक दौर के सबसे बड़े बदलावों की घोषणा की है। गृह मंत्री शबाना महमूद आज हाउस ऑफ कॉमन्स में अवैध प्रवासन से निपटने के लिए व्यापक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगी। ये बदलाव डेनमार्क के मॉडल से प्रेरित हैं और इनका उद्देश्य वर्तमान दौर में अनियमित प्रवासन को रोकना तथा सरकार की नीतियों को सख्त बनाना है। इन योजनाओं के तहत, शरणार्थियों को स्थायी निवास के लिए आवेदन करने से पहले 20 वर्ष तक इंतज़ार करना होगा। शरणार्थी का दर्जा अस्थायी होगा और समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी। अगर किसी का गृह देश सुरक्षित हो जाता है, तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि ब्रिटेन को इसके लिए कानून बनाना चाहिए और देश में प्रवेश करने और रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने कर्नाटक…
भारत और इज़राइल ने प्रस्तावित भारत-इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का दूसरा…
मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में आज मूसलाधार बारिश का रेड…
सर्वोच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नीट-यूजी पेपर लीक मामले…
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित दमन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया…